Homeउत्तर प्रदेशMeerutमेरठ: प्रस्तावित ट्रेड डील के विरोध में सपाइयों ने किया धरना-प्रदर्शन

मेरठ: प्रस्तावित ट्रेड डील के विरोध में सपाइयों ने किया धरना-प्रदर्शन

-

– कमिश्नरी पर प्रदर्शन करते हुए राष्ट्रपति के नाम भेजा ज्ञापन।

शारदा रिपोर्टर मेरठ। प्रस्तावित ट्रेड डील के विरोध में छोटे व्यापारियों, किसानों के भविष्य एवं बढ़ती बेरोजगारी के विरोध में सोमवार को दर्जनों सपा कार्यकतार्ओं ने कमिश्नरी चौराहे पर सड़क पर बैठकर जमकर विरोध प्रदर्शन किया।

इस दौरान उन्होंने सरकार विरोधी नारेबाजी करते हुए एक ज्ञापन डीएम कार्यालय पर सौंपते हुए बताया कि, प्रस्तावित अंतरराष्ट्रीय ट्रेड डील के कारण देश के छोटे व्यापारियों, किसानों तथा युवाओं के रोजगार पर गंभीर संकट उत्पन्न होने की आशंका है। जबकि, महिलाओ पर अत्याचार रेप की वारदात उत्तर प्रदेश में बढ़ती जा रही है। इस प्रकार की डील से बड़े कॉपोर्रेट एवं विदेशी कंपनियों को लाभ मिलेगा, जबकि स्थानीय छोटे व्यापारी प्रतिस्पर्धा में टिक नहीं पाएंगे और उनका व्यापार ही पूरे तरीके से समाप्त होने की स्थिति में पहुंच सकता है।

उन्होंने कहा कि, इसके अतिरिक्त, किसानों की फसलों के उचित मूल्य, बाजार सुरक्षा तथा भविष्य की स्थिरता पर भी नकारात्मक प्रभाव पड़ने की संभावना है। सस्ती विदेशी वस्तुओं के आयात से देश के कृषि एवं लघु उद्योग क्षेत्र को भारी नुकसान हो सकता है। साथ ही, वर्तमान में देश में बेरोजगारी की समस्या पहले से ही गंभीर है। यदि छोटे व्यापार एवं स्थानीय उद्योग प्रभावित होते हैं, तो लाखों लोगों की आजीविका पर संकट उत्पन्न होगा और बेरोजगारी और अधिक बढ़ेगी।

प्रदर्शन कर रहे कार्यकतार्ओं ने अमेरिका के साथ प्रस्तावित व्यापारिक डील को देश की खेती, उत्पा और रोजगार के लिए नुकसानदेह बताया। उन्होंने कहा कि यह ऐसी ‘डील’ है, जो देश की अर्थव्यवस्था की बुनियाद को कमजोर कर सकती है। कहा कि यह समझौता किसानों, मजदूरों, छोटे व्यापारियों और घरेलू उद्योगों के हितों के विपरीत है।
उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार विदेशियों के सामने देश के बाजार को खोल रही है, जिससे खेती-किसानी और स्थानीय उत्पादन को भारी क्षति पहुंचेगी। उन्होंने कहा कि जब आयात बढ़ेगा तो देश का किसान अपनी उपज कहां और किस मूल्य पर बेचेगा।उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि जो लोग स्वदेशी और आत्मनिर्भरता की बात करते थे, वे अब ‘पर निर्भरता’ की राह पर चल पड़े हैं।

उन्होंने भाजपा सरकार से स्पष्ट करने की मांग की कि विदेशी दबाव में देश के हितों से समझौता क्यों किया जा रहा है। आरोप लगाया कि केंद्र सरकार की नीतियां लगातार किसान विरोधी रही हैं। कभी भूमि अधिग्रहण के जरिए तो कभी कृषि कानूनों के माध्यम से किसानों पर दबाव बनाया गया। उन्होंने कहा कि किसानों के हितों की अनदेखी कर कोई भी सरकार लंबे समय तक नहीं चल सकती। इसलिए समाजवादी पार्टी यह मांग करती है कि, इस प्रस्तावित ट्रेड डील पर पुनर्विचार करते हुए छोटे व्यापारियों, किसानों और युवाओं के हितों की रक्षा के लिए उचित कदम उठाए जाएं।

Related articles

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

[td_block_social_counter custom_title="Stay Connected" block_template_id="td_block_template_4" header_color="#ea2e2e" f_header_font_family="522" f_header_font_transform="uppercase" f_header_font_style="italic" f_header_font_size="eyJsYW5kc2NhcGUiOiIxNSIsInBvcnRyYWl0IjoiMTQifQ==" youtube="#" style="style10 td-social-boxed td-social-colored" tdc_css="eyJwaG9uZSI6eyJtYXJnaW4tYm90dG9tIjoiMzIiLCJkaXNwbGF5IjoiIn0sInBob25lX21heF93aWR0aCI6NzY3fQ==" facebook="#" manual_count_facebook="14000" manual_count_youtube="6000"]

Latest posts