शारदा एक्सप्रेस रिपोर्टर मेरठ। लिसाड़ी गेट थाना क्षेत्र के किदवई नगर में हुए भीषण अग्निकांड ने पूरे शहर को गमगीन कर दिया। सोमवार देर रात सुराही वाली मस्जिद के पास गली नंबर-1 में शॉर्ट सर्किट से लगी आग ने एक ही परिवार की खुशियां छीन लीं। इस हादसे में पांच मासूम बच्चों और एक महिला की दर्दनाक मौत हो गई।

मंगलवार सुबह जब जनाजे उठे तो इलाका आंसुओं से भीग गया। बताया गया कि इकबाल अंसारी और उनका भाई ईशा की नमाज के लिए मस्जिद गए थे। घर में महिलाएं और बच्चे मौजूद थे। इसी दौरान अचानक मकान में आग लग गई। देखते ही देखते तीन मंजिला मकान आग की लपटों में घिर गया। धुएं और चीख-पुकार से मोहल्ले में हड़कंप मच गया। सूचना मिलते ही दमकल की आधा दर्जन गाड़ियां मौके पर पहुंचीं। पुलिस और स्थानीय लोगों की मदद से सीढ़ियों और छत के रास्ते परिवार को बाहर निकाला गया और सभी को हापुड़ रोड स्थित अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां महिला और पांच बच्चों ने दम तोड़ दिया।

मृतकों में असीम की पत्नी रुखसार, उनकी जुड़वा बेटियां नाजिया और इनाया, बेटा, तथा भतीजे हम्माद और भतीजी मेहविश शामिल हैं। आग इतनी भयानक थी कि उसकी लपटें दूर तक दिखाई दे रही थीं। बताया जाता है कि जान बचाने के लिए परिवार एक कमरे में सिमट गया था, लेकिन धुएं और आग की तपिश से कोई खुद को बचा नहीं सका।

रात करीब दो बजे परिजनों के आग्रह पर बिना पोस्टमार्टम शव सौंप दिए गए। दो मासूमों को देर रात ही दफन कर दिया गया, जबकि महिला और तीन बच्चों को मंगलवार सुबह सुपुर्द-ए-खाक किया गया। एक साथ उठे छह जनाजों को देखकर हर आंख नम थी। जनसैलाब उमड़ पड़ा, हर चेहरा गम में डूबा नजर आया। प्रशासन की ओर से भारी पुलिस बल तैनात रहा।
इस दर्दनाक हादसे ने किदवई नगर ही नहीं, पूरे मेरठ को शोक में डुबो दिया है। मासूमों की मौत ने हर दिल को झकझोर कर रख दिया।


