शारदा रिपोर्टर मेरठ। ध्वस्तीकरण, सीलिंग और अब सेटबैक की कार्रवाई से घबराए व्यापारियों ने सरकार से मदद करने की गुहार लगाई है। बुधवार को शास्त्री नगर स्थित सेंट्रल मार्केट में बने आवासीय भवनों पर कार्रवाई नहीं करने की मांग को लेकर दर्जनों सामाजिक कार्यकर्ता कलेक्ट्रेट पहुंचे। इस दौरान उन्होंने बताया कि, सेंट्रल मार्किट शास्त्री नगर में रहने वाले लोग अत्यंत पीड़ा, असुरक्षा और भविष्य की गहरी आशंका की स्थिति में है। जिनका आशियाना बचाना बेहद जरूरी है।

उन्होंने कहा कि, हाल ही में माननीय उच्चतम न्यायालय द्वारा पारित निर्णय से क्षेत्र के हजारों परिवारों का जीवन, आश्रय, आजीविका और सामाजिक अस्तित्व प्रत्यक्ष रूप से प्रभावित होने जा रहा है। यह मामला केवल विधिक विवाद नहीं है, बल्कि लाखों नागरिकों के जीवन की निरंतरता, बच्चों के भविष्य, बुजुर्गों की सुरक्षा और सामाजिक स्थिरता से जुड़ा हुआ है।
उन्होंने कहा कि, यदि उक्त निर्णय के परिणामस्वरूप कठोर कार्यवाही (जैसे ध्वस्तीकरण/विस्थापन आदि) तत्काल लागू होती है, तो हजारों परिवार बेघर हो जाएंगे और फिर उनके आजीविका के साधन समाप्त हो जाएंगे। समाज के कमजोर वर्ग गहन असुरक्षा की स्थिति में पहुंच जाएंगे।
उन्होंने कहा कि, यह परिस्थिति न केवल आर्थिक संकट उत्पन्न करेगी, बल्कि मानसिक, सामाजिक और मानवीय संकट को भी जन्म देगी। ज्ञापन सौंप रहे कार्यकर्ताओं ने बताया कि, 1987 के आसपास उत्पन्न असामान्य सामाजिक परिस्थितियों एवं अस्थिरता के बाद लोगों ने सुरक्षा और जीवनयापन की आवश्यकता के कारण इस क्षेत्र में बसना प्रारम्भ किया। समय के साथ यह बसावट स्थायी होती गई और दशकों में यह क्षेत्र पूर्ण विकसित आवासीय एवं व्यावसायिक क्षेत्र बन गया।
यह विकास किसी छिपे हुए या अवैध तरीके से नहीं, बल्कि प्रशासन, स्थानीय निकार्यों एवं संबंधित विभागों की जानकारी और मौन स्वीकृति के साथ हुआ। लेकिन, अब इस सेंट्रल मार्केट पर काली छाया मंडरा रही है, जो आमजन के भविष्य के लिए काल बनती जा रही है। इसलिए बेहद जरूरी है कि सरकार इन लोगों की बात सुने और इन्हें बेघर होने से बचाए।

