HomeTrendingफूड वॉलंटियर मामले में सोमवार को सुनवाई

फूड वॉलंटियर मामले में सोमवार को सुनवाई

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सीजेपी आंदोलन में शामिल जुनैद मलिक पहुंचे थे सुप्रीम कोर्ट


गाजियााबाद। सीजेपी छात्र आंदोलन के फूड वॉलंटियर जुनैद मलिक प्रकरण में अब सोमवार को सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई है। जहां 3 अगस्त की अब डेट है, जिसमें सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई होनी है। जुनैद मलिक गाजियाबाद के नाहल गांव के रहने वाले हैं। वह इस समय दिल्ली में रह रहे हैं।

जुनैद का आरोप है कि पुलिस ने हिरासत में लेकर धमकाने और देहरादून रोड पर छोड़ने का आरोप लगाया है। यह मामला दिल्ली पुलिस और यूपी पुलिस से जुड़ा है। आरोप है कि गाजियाबाद पुलिस ने पिता को हिरासत में लिया, और घर पर भी छापेमारी की।

जबकि मेरठ पुलिस ने जुनैद की बहन के परिवार को भी हिरासत में लेकर धमकाया। दिल्ली पुलिस ने जुनैद से कहा था कि तुम्हें कहां से फंडिंग होती है तो यहां आंदोलन कर रहे छात्रों को खाना बांटते हो।

जुनैद मलिक दिल्ली में अखिलेश यादव से मिले। इस दौरान सपा के कई नेता भी शामिल हैं। सपा मुखिया के साथ एक फोटो भी सामने आया है। जुनैद ने कहा कि यह फोटो 28 जुलाई का है, जिसमें मैंने अपनी बात सपा मुखिय को बताई थी। पूर्व सीएम अखिलेश यादव ने आश्वासन दिया कि हम साथ हैं, क्या खाना बांटना अपराध है। सपा पूरी मजबूती से साथ है।
गाजियाबाद के रहने वाले वाले जुनैद के घर अंदर से बंद है। यहां पड़ोसी भी चुप्पी साधे हुए हुए हैं। पास में रहने वाले एक व्यक्ति ने बताया कि सरकार में कौन बोलने की हिम्मत कर सकता है, पता नहीं कब पुलिस आ जाए। जुनैद के पिता किसान हैं।

जुनैद एक वीडियो इंटरव्यू में कहा कि मैं जंतर मंतर पर धरने पर पहुंचा था। वहां मुझे कुत्ते ने काट लिया था। मैं एक साथी को लेकर आरएमएल अस्प्ताल पहुंचा। 12 बजकर 10 मिनट पर हम निकले। एक आॅटो किया। 50 मीटर की दूरी पर एक गाड़ी हमारे आगे लगा दी। कहा कि घबराइये मत। आगे कहा कि हम दिल्ली पुलिस से है।

इसके बाद कहा कि घबराइए मत हम मारेंगे पीटेंगे नहीं। इसके बाद आंखों पर पट्‌टी बांध दी। हमें देहरादून रोड पर ले गए। उसके बाद एक साहब आए और मुझसे बात की। उन्होंने बहुत सवाल किए कि कोई फंडिंग तो नहीं आ रही। इतना खाना कहां से बांटते हो। इसके बाद हम हमें गाड़ी में बैठाया।

जहां पर उतारा गया तो हम देख नहीं पाए। हमने पूछा कि यह कौन सी जगह है। मैने कहा कि यह कौन सी जगह है, मुझे बताया कि यह उत्तराखंड में मसूरी है। जिसके बाद मैं वापस आया। जुनैद ने कहा कि मैं प्रदर्शन करने वालों के लिए खाना बांटता था, जहां मेरठ पुलिस ने जुनैद की बहन के परिवार को भी हिरासत में लिया था। पुलिस हिरासत के खिलाफ ही वह सुप्रीम कोर्ट पहुंचे हैं।

मेरठ पुलिस पर हिरासत के आरोप
जुनैद की बहन की मेरठ में ससुराल है। जिसमें कहा गया कि जुनैद को जहां दिल्ली पुलिस ने हिरासत में लेकर उत्तराखंड छोड़ा। उसके बाद गाजियाबाद पुलिस ने जुनैद के घर पर दबिश दी। परिवार को डराकर उनके पिता को भी अवैध तरह से हिरासत में लिया। जबकि मेरठ पुलिस ने जुनैद की बहन के परिवार को हिरासत में लिया था। जुनैद की बहन की मेरठ में ससुराल है।

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