मेरठ। सावन मास के आगमन के साथ ही मेरठ और आसपास के मुख्य मार्गों के अलावा गंग नहर कांवड़ पटरी पर शिवभक्त कांवड़ियों की आवाजाही शुरू हो गई है। हरिद्वार और अन्य पवित्र गंगा घाटों से जल लेकर लौट रहे भक्त ‘बोल बम’ और ‘हर हर महादेव’ के जयघोष के साथ अपने गंतव्य की ओर बढ़ रहे है। जिसके चलते पूरा वातावरण भक्तिमय बना हुआ है। जबकि, मोदीपुरम, सरधना और गंग नहर मार्ग पर शिवभक्तों का तांता लगा हुआ है। यात्रा को सुरक्षित और सुगम बनाने के लिए प्रशासन और पुलिस बल पूरी तरह मुस्तैद है। श्रद्धालुओं के विश्राम करने, खाने पीने और स्नान करने के लिए जगह-जगह शिविर लगाए गए हैं, और भारी यातायात को देखते हुए रूट डायवर्जन लागू किए गए हैं। ताकि, किसी भी शिवभक्त कांवड़िए को किसी भी असुविधाओं का सामना नहीं करना पड़े।
सावन मास की शुरुआत के साथ ही पवित्र कांवड़ यात्रा भी शुरू हो गई है। शिव भक्तों की सुरक्षा और सुगम यातायात के लिए उत्तर प्रदेश और दिल्ली समेत विभिन्न राज्यों में पुलिस-प्रशासन पूरी तरह हाई अलर्ट मोड पर है। उत्तर प्रदेश पुलिस मुख्यालय में एक विशेष हाई-टेक सेंट्रल कंट्रोल रूम बनाया गया है, जहां से ड्रोन और सीसीटीवी कैमरों के जरिए 24 घंटे रियल-टाइम मॉनिटरिंग की जा रही है। सुरक्षा और निगरानी के कड़े इंतजाम किए गए है। संवेदनशील कांवड़ मार्गों और प्रमुख शिवालयों पर भारी पुलिस बल, पीएसी और एटीएस की तैनाती की गई है। इसके अलावा अदुन्याधुनिक तकनीक, सीसीटीवी कैमरों, ड्रोन कैमरों और आधुनिक निगरानी उपकरणों की मदद से रियल टाइम मॉनिटरिंग की जा रही है। बता दें कि, सावन की पहली सुबह के साथ ही मेरठ के सभी मंदिर हर-हर महादेव के जयघोष से गूंज उठे। औघड़नाथ मंदिर सहित शहर के 27 प्रमुख शिव मंदिरों में विशेष पूजा-अर्चना, रुद्राभिषेक और जलाभिषेक के आयोजन किया गया। वहीं विभिन्न सामाजिक और धार्मिक संगठनों की ओर से कांवड़ सेवा शिविर भी शुरू किए गए हैं, जहां शिवभक्तों की सेवा कर धर्म लाभ उठाया जा रहा है। 30 जुलाई से शुरू होकर 28 अगस्त तक चलने वाले श्रावण मास में श्रद्धालु भगवान शिव का जलाभिषेक, व्रत और सात्विक जीवन का पालन करेंगे। मंदिरों में सुबह से ही भक्तों की लंबी कतारें लगेंगी और पूरा वातावरण शिवमय हो जाएगा।

