– दिल्ली तक पैदल यात्रा की जिद पर अड़े, रोकने पर धमक्का-मुक्की हुई, सचिन सिरोही को हिरासत में लिया।
शारदा रिपोर्टर मेरठ। सेंट्रल मार्केट के व्यापारियों के समर्थन में पैदल न्याय यात्रा की शुरूआत करने पहुंचे हिंदूवादी नेता सचिन सिरोही को पुलिस ने हिरासत में ले लिया है। इस दौरान हिंदू संगठन के कार्यकतार्ओं की पुलिस से काफी धक्कामुक्की भी हुई। भारी पुलिस बल होने के कारण किसी की एक नहीं चली। पुलिस ने सचिन सिरोही व उनके कुछ कार्यकतार्ओं को हिरासत में लेकर थाने भिजवा दिया।

सचिन सिरोही अपने कार्यकतार्ओं के साथ सुबह ठीक 10:00 सेंट्रल मार्केट स्थित 661/6 पर पहुंच गए। सभी कार्यकतार्ओं के हाथ में स्लोगन लिखे बैनर थे। कार्यक्रम को लेकर पुलिस पहले ही सजग थी। जैसे ही सचिन सिरोही वहां पहुंचे पुलिस फोर्स ने उन्हें चारों तरफ से घेर लिया। करीब आधा घंटे तक सचिन सिरोही वहां मौजूद रहे। ठीक 10:30 बजे वह कार्यकतार्ओं के साथ चल दिए।
इसी दौरान डिप्टी एसपी छकव प्रदीप कुमार, उड सिविल लाइन अभिषेक तिवारी फोर्स के साथ वहां आ गए और उन्हें रोक लिया। पुलिस ने सभी को रोक लिया। इस दौरान दोनों पक्षों में हल्की धक्कामुक्की भी हुई।
सचिन सिरोही ने पहले ही ऐलान किया था कि वह बुधवार को दिल्ली तक पदयात्रा करेंगे।इसके लिए मंगलवार की रात पुलिस सचिन सिरोही को ढूंढती रही लेकिन वह पुलिस को चकमा देकर निकल गए। बुधवार को जब वह यात्रा शुरू करने निकले तो पुलिस ने रोक लिया।
सचिन सिरोही ने कहा कि वह व्यापारियों के भविष्य की लड़ाई लड़ रहे हैं। वह गृहमंत्री के सामने व्यापारियों का दर्द बयां करेंगे। पुलिस अफसरों ने सचिन को किसी भी दशा में वहां से आगे जाने से मना कर दिया। बातचीत शुरू हुई तो प्रशासनिक अफसर को बुलाकर ज्ञापन सौंपने का निर्णय लिया गया। अउट सिविल लाइन प्रभाकर त्रिपाठी मौके पर पहुंचे और ज्ञापन लिया।
ज्ञापन में उन्होंने सेंट्रल मार्केट को बचाने के लिए जल्द से जल्द कानून बनाने की मांग की है। इसके अलावा सुप्रीम कोर्ट में पैरवी के लिए भाजपा की ओर से बड़े वकील की व्यवस्था करने और अखिल भारतीय हिंदू सुरक्षा संगठन के एक प्रतिनिधिमंडल को गृहमंत्री से मिलवाने की मांग उठाई। ज्ञापन सौंपते ही पुलिस ने सचिन सिरोही और उनके एक पदाधिकारी धर्मेंद्र सिंह को हिरासत में ले लिया और प्राइवेट गाड़ी में बिठाकर थाने भेज दिया।
दरअसल, सुप्रीम कोर्ट के आदेश पर सेंट्रल मार्केट के 44 प्रतिष्ठानों को सील किया गया है। यह सभी आवासीय क्षेत्र में कमर्शियल गतिविधि के कारण सील किए गए हैं। सुप्रीम कोर्ट ने स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि 15 दिन के भीतर इन प्रतिष्ठानों की कमर्शल गतिविधियों को पूर्ण रूप से बंद करते हुए, सेट बैक का रास्ता खुलवाया जाए।
इसके लिए सेंट्रल मार्केट के व्यापारियों ने पैदल न्याय यात्रा का भी ऐलान किया। इस यात्रा में लगभग डेढ़ सौ लोगों का जत्था पैदल ही दिल्ली कूच करने की बात कही गई। दिल्ली में गृहमंत्री अमित शाह से मिलकर सेंट्रल मार्केट के लोगों के लिए न्याय की मांग की जानी है।
पैदल न्याय यात्रा का कार्यक्रम: आयोजन समिति में शामिल सचिन सिरोही ने एक दिन पहले ऐलान किया था कि 15 अप्रैल की सुबह 10:30 बजे डेढ़ सौ लोगों का यह जत्था दिल्ली के लिए रवाना होगा। रात में पहले दिन का विश्राम मोदीनगर में होगा। 16 अप्रैल की रात गाजियाबाद में रुका जाएगा। 17 अप्रैल की रात यूपी बॉर्डर पर रुकेंगे और 18 अप्रैल को दोपहर 12 बजे गृहमंत्री अमित शाह से मुलाकात करेंगे।
सचिन को नजरबंद करने का प्रयास
दिल्ली कूच का ऐलान करने वाले सचिन सिरोही को मंगलवार रात ही पुलिस ने नजरबंद करने का प्रयास किया, लेकिन वह घर पर नहीं मिले। रातभर पुलिस सचिन की तलाश करती रही, लेकिन कुछ पता नहीं चल पाया। देर रात सचिन ने एक वीडियो जारी कर बुधवार सुबह ठीक समय पर पदयात्रा शुरू करने का ऐलान किया है।
महिलाओं को पुलिस ने धमकाया
सचिन सिरोही ने कहा कि पुलिस उन्हें दिल्ली जाने से रोकने का हर संभव प्रयास कर रही है। मंगलवार को पहले सीओ ने धरने पर पहुंचकर महिलाओं को समझाने की कोशिश की, कि वह दिल्ली कूच करने की जिद छोड़ दें। इसके बाद रात में इंस्पेक्टर नौचंदी दो गाड़ियां भरकर महिलाओं पर दबाव बनाने आ गए। पुलिस ने बुधवार दोपहर में धरना शुरू करने की बात वहां मौजूद महिलाओं से की है।

