शिक्षा को ‘हथियार’ बनाने की मुहिम चलाएगी जमीयत
मेरठ। जमीयत उलेमा ए हिंद मुसलमानों के शैक्षिक ढांचे को मजबूत करने के लिए जल्दी ही एक बड़ा अभियान चलाएगी। यह फैसला दीनी तालीमी बोर्ड और जमीयत उलेमा ए हिंद की शहर इकाई के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित एक बैठक में लिया गया।
बैठक की अध्यक्षता जमीयत के शहर अध्यक्ष मुफ्ती जुनैद कासमी और संचालन महामंत्री मुफ्ती अरशद कासमी ने किया। मुख्य अतिथि रहे दारुल उलूम (वक्फ) देवबंद के मौलाना मुफ्ती रफाकत हुसैन ने तालीम को आज के दौर की सबसे बड़ी जरूरत बताया। इससे पूर्व कारी इनायतुर्रहमान ने कुरआन की तिलावत से कार्यक्रम की शुरूआत की। मौलाना सुबहान ने नात पेश की। मुफ्ती अरशद कासमी ने दीनी के साथ साथ दुनियावी तालीम की एहमियत पर प्रकाश डाला। मौलाना मुफ्ती रफाकत हुसैन ने कुरआन की सूरह अल-बकरह (201) पर विस्तार से चर्चा की।
उन्होंने कहा कि दीनी और आधुनिक शिक्षा एक-दूसरे की विरोधी नहीं, बल्कि दोनों का ही अपना अलग अलग महत्व है।उन्होंने मुसलमानों के शैक्षिक पिछड़ेपन के कारणों पर भी प्रकाश डाला। तय किया गया कि समाज के संपन्न लोगों को साथ लेकर योग्य एवं आर्थिक रूप से कमजोर विद्यार्थियों की शिक्षा का दायित्व उठाया जाएगा। यह भी तय किया गया कि मदरसों को शैक्षिक जागरूकता पैदा करने के लिए संगठित किया जाएगा। इस अवसर पर मौलाना अब्दुल मलिक, मौलाना अमीनुद्दीन, मुफ्ती काशिफ, मुफ्ती मुरसलीन, मौलाना असजद और मुफ्ती शुऐब सहित बड़ी संख्या में उलेमा मौजूद रहे।