हिंदू संगठनों ने पकड़ा, तीन किताबें मिलीं, चर्च बनाने का भी हो रहा था प्रयास
मुजफ्फरनगर। सामूहिक धर्मांतरण का एक कथित मामला सामने आया है। यह घटना मंसूरपुर थाना क्षेत्र के जड़ौदा गांव की है। सूचना मिलने पर बजरंग दल के कार्यकर्ता मौके पर पहुंचे और धर्मांतरण का विरोध किया, जिसके बाद पुलिस ने स्थिति को नियंत्रित किया।
पुलिस के अनुसार, मौके से सात पुरुष और पांच महिलाओं सहित कुल 12 लोगों को हिरासत में लिया गया। उनसे पूछताछ की जा रही है। पुलिस ने घटनास्थल से तीन बाइबल की किताबें और कुछ पहचान पत्र भी बरामद किए हैं।
शिकायत के आधार पर, पुलिस ने उत्तर प्रदेश विधि विरुद्ध धर्म संपरिवर्तन प्रतिषेध अधिनियम, 2021 की धारा 3 और 5(1) के तहत मामला दर्ज किया है। इस मामले में आगे की कानूनी कार्रवाई जारी है।
एफआईआर में राशिद, मनीष, संजीव, संगीता, पूजा, मोनू, आशु, चांदनी, सरिता, अमरीश, कार्तिक, कनक, शीशपाल और प्रवीण सहित 14 लोगों को नामजद किया गया है। पुलिस मामले की गहन जांच कर रही है और अन्य आरोपियों की तलाश जारी है।
शिकायतकर्ता और बजरंग दल के जिला संयोजक रवि चौधरी ने आरोप लगाया है कि जड़ौदा गांव के एक गोदाम में आसपास के गांवों से लगभग 200 लोगों को इकट्ठा किया गया था। उन्हें पैसे, बीमारी के इलाज और अन्य प्रलोभन देकर ईसाई धर्म अपनाने के लिए प्रेरित किया जा रहा था। चौधरी ने यह भी आरोप लगाया कि मुख्य आरोपी राशिद इस कार्यक्रम का संचालन कर रहा था और वहां एक चर्च बनाने की तैयारी भी चल रही थी। उन्होंने इस मामले में सख्त कार्रवाई की मांग की है।
वहीं, इस मामले पर मुजफ्फरनगर पुलिस ने देर रात मुकदमा दर्ज कर दिया है। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक संजय कुमार वर्मा ने बताया कि सूचना मिलने के बाद पुलिस टीम तत्काल मौके पर पहुंची। प्रारंभिक जांच में कुछ लोगों को कथित रूप से प्रलोभन देकर धर्म परिवर्तन कराने की बात सामने आई है। शिकायत के आधार पर थाना मंसूरपुर में मुकदमा दर्ज कर लिया गया है और आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए तीन पुलिस टीमें गठित की गई हैं।
एसएसपी ने कहा कि मामले की निष्पक्ष जांच की जा रही है और जो भी तथ्य सामने आएंगे, उनके आधार पर कानून के अनुसार सख्त कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल पुलिस पूरे मामले की गहन जांच में जुटी है और प्रशासन का कहना है कि किसी भी दोषी को बख्शा नहीं जाएगा।