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वंशवादी राजनीति पर थरूर के बयान पर हंगामा !, कांग्रेस भड़की, भाजपा बोली नेपो किड पर हमला

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एजेंसी, नई दिल्ली। कांग्रेस सांसद शशि थरूर द्वारा वंशवादी राजनीति को लेकर की गई टिप्पणी पर हंगामा हो गया है। कांग्रेस पार्टी जहां बचाव की मुद्रा में है, वहीं भाजपा को बैठे बिठाए एक मुद्दा मिल गया है और राहुल गांधी और कांग्रेस पार्टी पर निशाना साधने का मौका मिल गया है। दरअसल एक लेख में शशि थरूर ने भारत की वंशवादी राजनीति की आलोचना की। इस लेख का शीर्षक ‘इंडियन पॉलिटिक्स आर ए फैमिली बिजनेस’ (भारत राजनीति एक पारिवारिक व्यापार है)। थरूर ने नेहरू-गांधी परिवार का नाम लेकर वंशवादी राजनीति का आरोप लगाया। अब इस पर कांग्रेस के नेताओं की प्रतिक्रियाएं भी आ रही हैं।

थरूर के आरोपों पर भड़के कांग्रेस नेता

कांग्रेस सांसद प्रमोद तिवारी ने शशि थरूर द्वारा गांधी परिवार पर लगाए गए आरोपों पर कहा कि ‘पंडित जवाहरलाल नेहरू इस देश के सबसे सक्षम प्रधानमंत्री थे। इंदिरा गांधी ने अपना जीवन बलिदान करके खुद को साबित किया। राजीव गांधी ने भी बलिदान देकर देश सेवा की। ऐसे में अगर कोई गांधी परिवार के वंशवाद की बात करता है तो फिर देश में किस अन्य परिवार ने ऐसा बलिदान, समर्पण और क्षमता दिखाई है। क्या वो भाजपा है? वहीं केंद्र की सत्ताधारी पार्टी भाजपा ने थरूर के बयान को लेकर कांग्रेस पर तंज कसा है। भाजपा प्रवक्ता शहजाद जयहिंद ने सोशल मीडिया पर साझा एक पोस्ट में लिखा कि शशि थरूर ने भारत के नेपो किड राहुल गांधी और छोटे नेपो किड तेजस्वी यादव पर सीधा हमला बोला है।

शहजाद ने लिखा कि ‘डॉ. थरूर खतरों के खिलाड़ी बन गए हैं। उन्होंने नेपो किड या वंशवाद के नवाब पर सीधा हमला बोला है। जब मैंने नेपो नामदार राहुल गांधी के खिलाफ 2017 में बोला तो आप जानते हैं कि मेरे साथ क्या हुआ। सर आपके लिए प्रार्थना कर रहा हूं। फर्स्ट फैमिली बदला जरूर लेती है।’ अपने लेख में शशि थरूर ने लिखा कि ‘नेहरू-गांधी परिवार भारत का सबसे प्रभावशाली राजनीतिक परिवार है और इस परिवार की विरासत आजादी के आंदोलन से जुड़ी है। लेकिन इसके चलते कुछ लोगों की सोच बढ़ी है कि राजनीति कुछ परिवारों का जन्मसिद्ध अधिकार है।’

उन्होंने लिखा कि ‘वंशवादी राजनीति भारतीय लोकतंत्र के लिए एक बड़ा खतरा है। जब राजनीतिक सत्ता काबिलियत, समर्पण या जमीनी जुड़ाव के बजाय खानदान से तय होती है, तो प्रशासन की गुणवत्ता खराब होती है। थरूर ने अपने लेख में अब्दुल्ला और मुफ्ती परिवारों, नवीन पटनायक, महाराष्ट्र में ठाकरे बंधु, बिहार में पासवान, तेजस्वी यादव और पंजाब में बादल परिवार, तमिलनाडु में करुणानिधि परिवार का भी जिक्र किया।

 

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