रोज दस किलोमीटर चल रही अनोखी कांवड़
मेरठ। कांवड़ यात्रा के दौरान लाखों शिवभक्त गंगाजल लेकर अपने गंतव्य की ओर बढ़ रहे हैं। इसी बीच बुलंदशहर के सिकंदराबाद निवासी जितेंद्र कुमार अपनी अनोखी कांवड़ यात्रा की वजह से चर्चा में हैं। वह अपने माता-पिता को कांवड़ में बैठाकर गंगास्नान और तीर्थयात्रा करा रहे हैं।
जितेंद्र ने माता-पिता की वर्षों पुरानी इच्छा पूरी करने के लिए करीब 250 किलोमीटर पैदल चलने का संकल्प लिया है। वह रोज 8 से 10 किमी पैदल चल रहे हैं। उनकी सेवा-भावना को देखकर लोग उन्हें आधुनिक श्रवण कुमार कह रहे हैं।
जितेंद्र कुमार ने बताया कि उनके माता-पिता की लंबे समय से इच्छा थी कि वे गंगास्नान करें और धार्मिक स्थलों के दर्शन करें। इसी इच्छा को पूरा करने के लिए उन्होंने कांवड़ में माता-पिता को बैठाकर यात्रा शुरू की। यात्रा करीब 250 किलोमीटर की है। अब तक ज्यादातर सफर पूरा हो चुका है और करीब 80 किलोमीटर की यात्रा बाकी है।
जितेंद्र रोजाना 8 से 10 किलोमीटर तक पैदल चलते हैं। पूरे रास्ते वह कंधों पर कांवड़ उठाकर माता-पिता को लेकर आगे बढ़ रहे हैं। इस दौरान उनके परिवार के अन्य सदस्य भी साथ चल रहे हैं। रास्ते में जहां भी उनकी कांवड़ पहुंचती है, श्रद्धालु और स्थानीय लोग उनकी सराहना करते हैं। कई लोग उन्हें आधुनिक श्रवण कुमार कहकर सम्मान दे रहे हैं।
जितेंद्र का कहना है कि माता-पिता की सेवा से बड़ा कोई धर्म नहीं है। उनकी खुशी ही उनके लिए सबसे बड़ी पूजा है।
कांवड़ यात्रा के बीच उनकी यह अनोखी सेवा लोगों को भावुक कर रही है। श्रद्धालु इसे भारतीय संस्कृति, पारिवारिक संस्कार और माता-पिता के प्रति समर्पण की मिसाल बता रहे हैं।