बोल-बम के उद्घोष से शिवमय हुआ वातावरण
शारदा रिपोर्टर मेरठ। सावन के पवित्र महीने में मेरठ और आसपास के मुख्य मार्गों (जैसे मोदीपुरम और दिल्ली-हरिद्वार हाईवे) पर शिवभक्त कांवड़ियों का सैलाब उमड़ पड़ा है। ‘हर-हर महादेव’ के जयघोष के साथ केसरिया वस्त्र पहने श्रद्धालु गंगाजल लेकर अपने गंतव्य की ओर बढ़ रहे हैं, जिनकी सुरक्षा और सुविधाओं के लिए प्रशासन पूरी तरह मुस्तैद है। गुरुवार सुबह से ही बारिश होने के बावजूद बोल-बम के उद्घोष के साथ शिवभक्त कांवड़िए बिना रूके लगातार अपने गंतव्य की ओर बढ़ते हुए दिखाई दिए। इस दौरान कुछ कांवड़ियों ने अपने कंधों पर बाबा भोलेनाथ को भी बैठा रखा था।
दरअसल, सावन मास के प्रारंभ होते ही मेरठ-गढ़ मार्ग पर भी शिवभक्त कांवड़ियों का आगमन शुरू होने लगा है। विभिन्न जिलों में अपने गंतव्य की ओर बढ़ रहे कांवड़ियों को पुलिस सड़क पर सुरक्षा मुहैया करा रही है। कांवड़ यात्रा के दौरान आम नागरिकों को कोई परेशानी न हो या फिर जाम की स्थिति न बने, इसके लिए क्षेत्र की इन तीनों चौकियों पर पुलिस मुस्तैदी से कार्य कर रही है। कांवड़ियों को अपने क्षेत्र की सीमा में प्रवेश करने से लेकर सीमा समाप्ति तक लगातार सुरक्षा प्रदान की जा रही है। मेरठ जिले से सटे जिले अमरोहा, हापुड़, मुरादाबाद, बरेली, बुलंदशहर को जाने वाले कांवड़िया मेरठ-गढ़ मार्ग से होकर गुजर रहे हैं। क्षेत्राधिकारी किठौर सौम्या अस्थाना का कहना है कि, उनके क्षेत्र में किठौर, मुंडाली और खरखौदा थाने को पहले से ही कांवड़ यात्रा को लेकर निर्देश जारी कर दिए गए हैं कि किसी भी कांवड़िया को कोई परेशानी नहीं होनी चाहिए। बता दें कि, सावन का आगमन होते ही जैसे पूरा शहर श्रद्धा की बयार में बहने लगता है। गंगाजल से भरे कांवड़ों के साथ “बोल बम” की गूंज, मेरठ की गलियों और हाईवे को भक्तिमय रंग में रंग देती है। हर साल हजारों श्रद्धालु जब हरिद्वार से लौटते हुए मेरठ से गुजरते हैं, तो यह शहर सिर्फ एक मार्ग नहीं, बल्कि स्नेह, सेवा और समर्पण का संगम बन जाता है। जगह-जगह लगे शिविर, ठंडे पेय, प्राथमिक उपचार की व्यवस्था और मुस्कुराकर स्वागत करते चेहरे, ये सब मेरठ की गंगा-जमुनी तहजीब का जीवंत प्रमाण हैं। प्रशासनिक चौकसी हो या आम लोगों की सेवा भावना, हर कोई इस यात्रा को सहज और सम्मानजनक बनाने में अपनी भूमिका निभाता है। कांवड़ यात्रा यहां एक परंपरा नहीं, बल्कि वो उत्सव है। जिसमें मेरठ खुद शिवभक्त बन जाता है, हर कदम पर श्रद्धा, हर मोड़ पर सेवा का भाव साफ नजर आता है।