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गेहूं भंडारण टैंक में दम घुटने से प्रधान पति समेत दो की मौत

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  •  गेहूं रखने टैंक में दम घुटा, प्रधान पति समेत दो की मौत
  •  गेहूं रखने के लिए सफाई करने उतरे थे, एक बेहोश ग्रामीण बोले कि जहरीली गैस थी।

हरदोई। सीमेंट टैंक से दम घुटने से ग्राम प्रधान के पति समेत दो लोगों की दम घुटने से मौत हो गई। वहीं तीसरा युवक बेहोश हो गया। युवक की हालत भी गंभीर बनी हुई है। प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि 65 वर्षीय ग्राम प्रधान पति अपने घर में बने सीमेंट के टैंक को गेहूं भंडारण के लिए साफ करवा रहे थे। इस टैंक में पहले तिरपाल बिछाकर उसके ऊपर भूसा डाला गया था। सफाई के दौरान गांव का रहने वाला एक युवक टैंक में उतरा। जहां सांस लेने में दिक्कत हुई और वह बेहोश हो गया।

 

 

युवक को बचाने के क्रम में एक के बाद एक प्रधान पति और एक युवक भी टैंक में उतरे, पर वे दोनों भी बेहोश हो गए। ग्रामीणों ने तीनों को बाहर निकालकर सीएचसी भिजवाया, जहां ग्राम प्रधान पति समेत दो को डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया। घटना जिला मुख्यालय से करीब 32 किलोमीटर दूर बिलग्राम थाना क्षेत्र के जलालपुर गांव की है।

बिलग्राम थाना क्षेत्र के जलालपुर गांव की ग्राम प्रधान विद्यावती के घर में मंगलवार रात गेंहूं रखने के लिए सीमेंट के टैंक (बखारी) की सफाई करवाई जा रही थी। टैंक में पहले तिरपाल बिछाकर उसके ऊपर भूसा डाला गया था।

सफाई के दौरान रात करीब 9:15 बजे गांव निवासी कैलाश (35) टैंक में उतरे, लेकिन कुछ ही देर में उन्हें सांस लेने में दिक्कत हुई और वे बेहोश हो गए। कैलाश को बचाने के लिए प्रधान विद्यावती के पति सुरेंद्र सिंह कुशवाहा (65) खुद टैंक में उतर गए, लेकिन जहरीली गैस के कारण वे भी बेहोश होकर गिर पड़े। इसके बाद तीसरे युवक प्रमोद को रस्सी के सहारे नीचे उतारा गया, पर वह भी गैस से प्रभावित होकर बेहोश हो गया।

काफी देर तक जब तीनों बाहर नहीं निकले तो ग्रामीणों ने टैंक में पानी डालकर और मास्क पहनकर रस्सी के सहारे तीनों को बाहर निकलवाया। तीनों को तत्काल बिलग्राम सीएचसी पहुंचाया गया, जहां कैलाश और सुरेंद्र को डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया। जबकि प्रमोद की हालत भी गंभीर बनी हुई है। ग्रामीणों का कहना है- टैंक काफी दिनों से बंद था और उसमें जहरीली गैस बन गई थी।
टैंक से तीव्र दुर्गंध आ रही थी

घटना में बाल-बाल बचे प्रमोद ने बताया कि कैलाश और सुरेंद्र को टैंक में उतरे काफी देर हो चुकी थी, पर दोनों बाहर नहीं आ रहे थे। आवाज लगाने पर भी कोई प्रतिक्रिया नहीं दे रहे थे। मैं देखने के लिए टैंक में उतरा तो अंदर तीव्र दुर्गंध आ रही थी। सांस लेना भी मुश्किल हो रहा था। मैंने बाहर निकलने की कोशिश की, पर पहले ही दम घुटने से बेहोश हो गया।
बचाने गए थे, खुद ही खत्म हो गए

सुरेंद्र के छोटे भाई यदुवीर सिंह कुशवाहा ने बताया कि सीमेंट टैंक में गेहूं भरवाई के दौरान ये हादसा हुआ। कैलाश टैंक में बेहोश हो गया था। भैया तो उसे बचाने के लिए टैंक में उतरे थे, पर उनकी भी जान चली गई। गांव के लोगों की बहादुरी से तीसरे युवक प्रमोद की जान बच गई।
एएसपी सुबोध गौतम ने बताया कि अनाज की बखारी साफ करते समय दम घुटने से दो लोगों की मौत हुई है। तीसरे की जान बाल-बाल बची है। सूचना पर पुलिस मौके पर पहुंची थी और तीनों को टैंक से निकालकर सीएचसी पहुंचाया था। शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है। ग्रामीणों का कहना है टैंक में जहरीली गैस थी। इसकी पुष्टि पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट के बाद ही हो सकेगी।

 

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