नई दिल्ली। प्रधानमंत्री 11 मई को एक बार फिर से गुजरात के सोमनाथ मंदिर की यात्रा पर जा रहे हैं। उन्होंने इसको लेकर एक लेख में जानकारी दी। पीएम मोदी ने लिखा कि 2026 की शुरूआत में, मैं सोमनाथ स्वाभिमान पर्व के लिए सोमनाथ गया था। ये सोमनाथ मंदिर पर हुए पहले हमले के एक हजार साल पूरे होने का अवसर था। पीएम मोदी ने कहा कि अब मैं 11 मई को फिर से सोमनाथ आऊंगा, ताकि उस घटना के 75 साल पूरे होने का जश्न मना सकूं जब भारत के तत्कालीन राष्ट्रपति डॉ. राजेंद्र प्रसाद ने इस किले मंदिर का उद्घाटन किया था।

पीएम मोदी ने बताया कि छह महीने से भी कम समय में सोमनाथ और उसके विनाश से पुनर्निर्माण तक के सफर से जुड़े दो महत्वपूर्ण पड़ावों में शामिल होना मेरे लिए एक सौभाग्य की बात है। एक ऐसा सफर जिसे हम विध्वंस से सृजन तक का सफर कहते हैं। सोमनाथ हमें एक सभ्यतागत संदेश देता है। इसके सामने फैला विशाल समुद्र हमें कालजयी होने का एहसास कराता है। इसकी लहरें हमें यह बताती हैं कि तूफान चाहे कितने भी भयंकर क्यों न हों, या ज्वार-भाटा कितना भी उथल-पुथल भरा क्यों न हो, इंसान हमेशा गरिमा और शक्ति के साथ फिर से उठ खड़ा हो सकता है।
उन्होंने कहा कि ये लहरें बार-बार किनारे पर लौटकर आती हैं, मानो वे हर पीढ़ी को यह याद दिला रही हों कि लोगों की भावना को कभी भी लंबे समय तक दबाकर नहीं रखा जा सकता।


