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ना हिंदू मरता ना मुसलमान मरता है, जब भी मरता है , इंसान मरता है

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दिल दहला देती है नापाक हसरतें तेरी, कत्ल इंसानियत का तो सरेआम करता है।


शारदा रिपोर्टर मेरठ।  राष्ट्रीय काव्य संग्रह मंच द्वारा शास्त्रीनगर स्थित अग्रसेन विहार में  एक शाम सुप्रसिद्ध कवयित्री रीना मित्तल के नाम का आयोजन किया गया। इसमें कवियों ने एक से बढ़ कर कविताये और गीत पेश किये।
अध्यक्षता डाॅ किरण सिंह ने की मुख्य अतिथि सौरभ सुमन, वशिष्ठ अतिथि सत्यम पाल सत्यम ,सुबोध गर्ग , डाॅ सुबोध गर्ग , डाॅ राम गोपाल  भारतीय,एवं महेश हंसमुख  रहे। दीप प्रज्वलित नीलम मिश्रा तरंग, मंगल सिंह मंगल,सत्यपाल सत्यम, सौरभ सुमन  मंगल सिंह मंगल  और अरुण गुप्ता ने  किया। कवि सम्मलेन का संचालन सरामगोपाल भारतीय और नीलम मिश्रा ने किया।

रीना मित्तल ने यूं कहा
देश हिंद देश की आन तिरंगा
हिंद देश की शान तिरंगा।
इसके खातिर मर मिटेंगे,
हम सब की पहचान तिरंगा।
डाॅ नीलम मिश्रा ने कहा
ना हिंदू मरता ना मुसलमान मरता है।
जब भी मरता है , इंसान मरता है।
दिल दहला देती है नापाक हसरतें तेरी,
कत्ल इंसानियत का तो सरेआम करता है।
रीना मित्तल ने कहा
नारी तुम सम्मान हो।
नारी तुम अभिमान हो।
हो देवी की मूल्य छवि
तुम सबसे महान हो।
रीना मित्तल यूँ कहा
मेरी बस तमन्ना है कि तुम मुझ में यूं मिल जाओ।
समुद्र के पानी में नमक सा बनकर घुल जाओ।

इसके अलावा चंद्र शेखर मयूर,दीवान गिरी गोस्वामी, चरण सिंह स्वामी , रेखा गिरीश, अरुणा पवार,सारिका मेहता ,रीना मित्तल ,पूनम शर्मा, नंदिनी रस्तोगी तरुण रस्तोगी आदि ने काव्य पाठ किया।

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