शांति और सुरक्षा को सख्त करने के संकल्प लिये
नई दिल्ली:भारत-बांग्लादेश सीमा पर टेंशन के बीच दोनों देशों की सीमा सुरक्षा एजेंसियों ने दिल्ली में हुई बैठक के दौरान इस मुद्दे का हल ढूंढ निकाला। अनजाने में सीमा पार करने और जबरन सीमा पार कराने और दोनों देश सीमा पर होने वाली मौतों जैसे मुद्दों को हल किए जाने को लेकर सख्त नजर आए। 8 से 11 जून तक दिल्ली के मुख्यालय में चली भारत-बांग्लादेश सीमा समन्वय वार्ता के दौरान दोनों देशों ने बॉर्डर पर शांति बनाए रखने और सुरक्षा को सख्त करने के अपने संकल्प को दोहराया।
उनके बीच कई बॉर्डर से जुड़े कई संवेदनशील मुद्दों पर सहमति बनी। जिनमें सीमा पार से होने वाली तस्करी, उम्रवाद पर लगाम कसने, भारतीयों पर होने वालों हमलों पर रोक और घुसपैठ जैसे मुद्दे शामिल रहे।
भारत और बांग्लादेश ने सीमा पर शांति, स्थिरता और सौहार्द बनाए रखने की अपनी प्रतिबद्धता दोहराई. संयुक्त गश्त को और मजबूत करने, निगरानी बढ़ाने, रियल टाइम सूचना साझा करने और सीमा पार सक्रिय आपराधिक नेटवर्क के खिलाफ मिलकर कार्रवाई करने को लेकर भी दोनों देशों के सिक्योरिटी फोर्सेज ने एकजुटता जताई.बैठक में बॉर्डर पार से होने वाले अपराधों पर लगाम कसने का भी समाधान निकाला गया। इनमें नशीले पदार्थों, हथियारों, नकली मुद्रा, सोने और अन्य प्रतिबंधित सामान की तस्करी शामिल का मुद्दा शामिल रहा। साथ ही अवैध घुसपैठ और मानव तस्करी भी मुख्य मुद्दों में शामिल रहा।
दोनों देशों का जोर सीमा से जुड़े गांवों और कस्बों के लोगों को अंतरराष्ट्रीय सीमा की संवेदनशीलता के बारे में जागरूक करने पर भी रहा। दरअसल भारत-बंग्लादेश का मानना है कि लोगों में जागरूकता बढ़ाने से अवैध गतिविधियां रोकने में कामयाबी हासिल होगी।