पति का शव कुंडी से लटका था, पत्नी जमीन पर पड़ी मिली, दे रात तक चला था बहुभोज
सिद्धार्थनगर। बांसी कोतवाली क्षेत्र के जनियाजोत गांव में शादी के 24 घंटे के भीतर नवविवाहित जोड़े की मौत हो गई। मंगलवार सुबह परिवार के लोगों ने कमरे में देखा तो देशराज चौहान का शव छत की कुंडी से फंदे के सहारे लटका था, जबकि उसकी पत्नी अनीता चौहान का शव जमीन पर पड़ा था। घटना की जानकारी मिलते ही परिवार में चीख-पुकार मच गई। परिजनों ने पुलिस को सूचना दी।
देशराज जनियाजोत गांव का रहने वाला था, जबकि अनीता जोगिया कोतवाली क्षेत्र के कड़जहवा गांव की थी। दोनों परिवारों की सहमति से उनकी शादी तय हुई थी। पहले शादी की तारीख मई 2027 तय की गई थी। करीब दो महीने पहले दोनों की सगाई हुई थी। इसके बाद देशराज दिल्ली चला गया, जहां वह पानीपुरी की दुकान पर काम करता था। सगाई के बाद दोनों फोन पर बात करने लगे थे।
करीब 15 दिन पहले देशराज दिल्ली से घर लौटा था। इसी दौरान अनीता भी शादी से पहले उसके घर आ गई। दोनों परिवारों के बीच बातचीत के बाद मई 2027 में तय शादी की तारीख से पहले ही शादी कराने का फैसला लिया गया। 21 सितंबर को बांसी के टेकधर बाबा मंदिर में दोनों परिवारों की मौजूदगी और सहमति से हिंदू रीति-रिवाज के अनुसार दोनों की शादी हुई।
शादी के बाद देशराज पत्नी अनीता को लेकर घर पहुंचा। शाम को घर में नाते-रिश्तेदारों और पट्टीदारों के लिए बहुभोज का आयोजन किया गया। बैंड-बाजा और डीजे के साथ शादी का कार्यक्रम धूमधाम से हुआ। बताया जा रहा है कि रात करीब 11 बजे तक घर में खान-पान और शादी की खुशियां चलती रहीं। इसके बाद परिवार के लोग सोने चले गए।
मंगलवार सुबह करीब 7 बजे तक देशराज और अनीता कमरे से बाहर नहीं आए। परिवार के लोगों ने अंदर जाकर देखा तो देशराज का शव छत की कुंडी से लटका था और अनीता का शव जमीन पर पड़ा था। सूचना पर बांसी कोतवाली प्रभारी निरीक्षक महेंद्र प्रताप चतुवेर्दी पुलिस टीम के साथ मौके पर पहुंचे। पुलिस ने घटनास्थल का निरीक्षण कर दोनों शवों को कब्जे में लिया और जांच शुरू कर दी।
नवविवाहित दंपती की मौत किन परिस्थितियों में हुई, इसका अभी स्पष्ट पता नहीं चल सका है। पति का शव फंदे से लटका मिलने और पत्नी का शव जमीन पर पड़े होने को लेकर ग्रामीणों में तरह-तरह की चचार्एं हैं। पुलिस घटनास्थल से जुड़े सभी पहलुओं की जांच कर रही है। जांच के बाद ही मौत की वास्तविक वजह स्पष्ट हो सकेगी।
शादी की खुशियां 24 घंटे के भीतर मातम में बदल गईं। घटना के बाद जनियाजोत गांव में सन्नाटा पसरा है और दोनों परिवारों में शोक का माहौल है।