बुजुर्गों को सांस लेने में हो रही परेशानी, डॉक्टरों ने बाहर ना निकलने की दी सलाह
शारदा रिपोर्टर मेरठ। दिवाली से पहले प्रदूषण का स्तर लगातार बढ़ रहा है। बृहस्पतिवार को शहर का औसत वायु गुणवत्ता सूचकांक (एक्यूआई) 266 दर्ज किया गया, जबकि शताब्दीनगर के सेक्टर-4सी में यह 387 तक पहुंच गया। शहर के सभी निगरानी केंद्रों में यहां हवा सबसे ज्यादा प्रदूषित रही। बढ़ते प्रदूषण के कारण लोगों को सांस लेने में परेशानी और आंखों में जलन की शिकायत हो रही है।
मौसम में बदलाव और हवा की धीमी गति के चलते प्रदूषक तत्व वातावरण में जमा हो रहे हैं। सुबह हल्की ठंड और धुंध के बीच प्रदूषण की परत महसूस की जा रही है। इसका असर खासकर सुबह और शाम के समय अधिक दिखाई दे रहा है।
शहर के अन्य निगरानी केंद्रों पर भी हवा की गुणवत्ता खराब दर्ज की गई। गंगानगर में एक्यूआई 252, एमआईटी कॉलेज क्षेत्र में 235, जयभीम नगर में 222 और पल्लवपुरम में 204 रहा। आसपास के जिलों में भी प्रदूषण का स्तर चिंताजनक बना हुआ है। बागपत में एक्यूआई 271, गाजियाबाद में 263, शामली में 208 और मुजफ्फरनगर में 206 दर्ज किया गया।
दिवाली पर आतिशबाजी के चलते प्रदूषण का स्तर और बढ़ने की आशंका है। कृषि विश्वविद्यालय के मौसम वैज्ञानिक डॉ. यूपी शाही के अनुसार, पटाखों से निकलने वाला धुआं वातावरण में पहले से मौजूद प्रदूषक तत्वों की मात्रा बढ़ा सकता है। इससे हवा की गुणवत्ता और खराब होने की आशंका है।
प्रदूषण को देखते हुए लोगों को सुबह-शाम अनावश्यक रूप से बाहर निकलने से बचना चाहिए। बच्चों, बुजुर्गों और सांस संबंधी बीमारियों से जूझ रहे लोगों का विशेष ध्यान रखने की जरूरत है।