शारदा रिपोर्टर मेरठ। गुरुवार को गढ़ रोड स्थित मऊ खास इलाके में उस समय हलचल मच गई, जब पुलिस ने पूर्व विधायक योगेश वर्मा को आगे बढ़ने से रोक दिया। वह मुरादाबाद जिले के ठाकुरद्वारा क्षेत्र के गांव नारायनपुर छगा में हाल ही में हुई घटना के बाद वहां जाने के लिए निकले थे। इस घटना में डॉ. भीमराव अम्बेडकर की प्रतिमा को क्षतिग्रस्त किए जाने और जाटव समाज के लोगों के साथ मारपीट की बात सामने आई थी, जिसके बाद से इलाके में तनाव बना हुआ है। बताया गया कि योगेश वर्मा समाजवादी पार्टी के प्रतिनिधिमंडल के साथ पीड़ितों से मिलने और हालात का जायजा लेने के उद्देश्य से रवाना हुए थे। हालांकि, मेरठ में ही पुलिस प्रशासन ने उन्हें रोक दिया। सीओ स्तर के अधिकारियों की मौजूदगी में मौके पर बैरियर लगाकर नाकेबंदी की गई थी, जिससे उनका काफिला आगे नहीं बढ़ सका।

इस दौरान पूर्व विधायक और पुलिस के बीच संक्षिप्त बहस भी देखने को मिली। योगेश वर्मा ने पुलिस की कार्रवाई पर आपत्ति जताते हुए कहा कि जनप्रतिनिधियों को प्रभावित परिवारों तक पहुंचने से रोकना लोकतांत्रिक व्यवस्था के खिलाफ है। इसके बावजूद पुलिस अधिकारियों ने साफ किया कि मुरादाबाद में स्थिति संवेदनशील है और किसी भी तरह की भीड़ या राजनीतिक गतिविधि से हालात बिगड़ सकते हैं।
कुछ देर तक मौके पर माहौल गरम रहा, लेकिन पुलिस ने स्थिति को नियंत्रित रखा। अंततः प्रतिनिधिमंडल को वहीं से वापस लौटना पड़ा।
वहीं, मुरादाबाद की घटना को लेकर विभिन्न संगठनों और राजनीतिक दलों में नाराजगी देखी जा रही है। प्रशासन का कहना है कि मामले की जांच जारी है और शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए पर्याप्त पुलिस बल तैनात किया गया है।

