HomeTrendingपूर्व बसपा विधायक राणा के ठिकानों पर ईडी की रेड

पूर्व बसपा विधायक राणा के ठिकानों पर ईडी की रेड

-

‘बोल बम’ का स्टिकर लगी गाड़ियों से पहुंचे अफसर, मुजफ्फरनगर में तीन जगह छापेमारी


मुजफ्फरनगर। पूर्व बसपा विधायक शाहनवाज राणा से जुड़े 3 ठिकानों पर सोमवार को प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने छापेमारी की। ईडी की टीम सुबह करीब 8 बजे ‘बोल बम’ के स्टिकर लगी 12 गाड़ियों से पहुंची। गेट पर 50 पुलिसकर्मियों के अलावा सीआरपीएफ के जवान तैनात हैं। किसी को परिसर के अंदर जाने या बाहर आने नहीं दिया जा रहा है।

जिन जगहों पर रेड चल रही है, उनमें मेरठ रोड पर पूर्व विधायक का घर ‘राणा हाउस’, उनके अखबार का दफ्तर और मॉडल टाउन में ‘जम्मूदीप इंपोर्ट-एक्सपोर्ट’ का आॅफिस शामिल है। राणा हाउस में पूर्व विधायक के अलावा उनके चाचा पूर्व सांसद कादिर राणा और पूर्व विधायक नूर सलीम राणा के भी आवास हैं।

ईडी की टीम मुजफ्फरनगर के अलावा गाजियाबाद और फरीदाबाद के 6 ठिकानों पर भी छापेमारी कर रही है। सूत्रों के मुताबिक, ईडी ने यह कार्रवाई प्रिवेंशन आॅफ मनी लॉन्ड्रिंग एक्ट के तहत की है। मामला इनपुट टैक्स क्रेडिट में हेराफेरी और टैक्स चोरी से जुड़ा बताया जा रहा है। ईडी की टीम इन ठिकानों पर दस्तावेजों और अन्य सबूतों की जांच कर रही है।

कार्रवाई के दौरान एऊ अफसर कौन-कौन से दस्तावेज या सामग्री जांच रहे हैं, इसकी आधिकारिक जानकारी अब तक नहीं दी गई है। हालांकि, ईडी की कार्रवाई की सूचना के बाद राजनीतिक और कारोबारी हलकों में हलचल तेज हो गई है।

तीन शहरों के नौ ठिकानों पर छापे
फर्जी इनपुट टैक्स क्रेडिट लेने और उसे आगे पास करने के मामले में प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने सोमवार तड़के बड़ी कार्रवाई शुरू की। अधिकारियों के अनुसार, प्रिवेंशन आॅफ मनी लॉन्ड्रिंग एक्ट 2002 के तहत मुजफ्फरनगर, गाजियाबाद और फरीदाबाद में कुल नौ ठिकानों पर तलाशी ली जा रही है।

ईडी के लखनऊ जोनल कार्यालय की टीम ने जम्बूद्वीप एक्सपोर्ट्स एंड इंपोर्ट्स लिमिटेड से जुड़े मामले में यह कार्रवाई की है। अधिकारियों के मुताबिक, संबंधित इकाई पर बिना माल की वास्तविक आवाजाही के फर्जी चालान और ई-वे बिल तैयार कर फर्जी आईटीसी बनाने और उसे आगे पास करने का आरोप है।’ ईडी की टीम दस्तावेजों और अन्य संबंधित रिकॉर्ड की जांच कर रही है। तलाशी के दौरान मिले साक्ष्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।

जांच में कई फर्जी और कागजी कंपनियों के जरिये बड़े पैमाने पर सर्कुलर ट्रांजेक्शन, फंड की तेजी से लेयरिंग और नकदी निकासी का पता चला है। अधिकारियों के मुताबिक, जीएसटी अधिकारियों की जांच में 9.63 करोड़ रुपये का इनपुट टैक्स क्रेडिट कथित तौर पर गलत तरीके से हासिल करने और 10.28 करोड़ रुपये का कळउ आगे पास करने की बात सामने आई है।’

अधिकारियों का कहना है कि इस पूरी प्रक्रिया से सरकारी खजाने को राजस्व का नुकसान हुआ। जांच एजेंसियों के मुताबिक, अवैध तरीके से हासिल की गई यह रकम प्रिवेंशन आॅफ मनी लॉन्ड्रिंग एक्ट के तहत अपराध से हुई कमाई के दायरे में आती है। ईडी अब फर्जी कंपनियों के नेटवर्क, लेनदेन और धन के प्रवाह की कड़ियां खंगाल रही है।

Related articles

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

[td_block_social_counter custom_title="Stay Connected" block_template_id="td_block_template_4" header_color="#ea2e2e" f_header_font_family="522" f_header_font_transform="uppercase" f_header_font_style="italic" f_header_font_size="eyJsYW5kc2NhcGUiOiIxNSIsInBvcnRyYWl0IjoiMTQifQ==" youtube="#" style="style10 td-social-boxed td-social-colored" tdc_css="eyJwaG9uZSI6eyJtYXJnaW4tYm90dG9tIjoiMzIiLCJkaXNwbGF5IjoiIn0sInBob25lX21heF93aWR0aCI6NzY3fQ==" facebook="#" manual_count_facebook="14000" manual_count_youtube="6000"]

Latest posts