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झुके विद्युत पोल, खोल रहे विद्युत विभाग की पोल, जर्जर तार बन रहे हैं हादसों का सबब

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जर्जर तार बन रहे हैं हादसों का सबब
  • शहर में झुके हुए खंभों पर लगे जर्जर तार बन रहे हैं हादसों का सबब।

शारदा रिपोर्टर

मेरठ। जनपद मेरठ में पिछले काफी समय से लगातार भीषण गर्मी पड़ रही है और इस दौरान बिजली भी अपने पूरे नखरे दिखा रही है। शहर के अधिकांश इलाकों में रोजाना कई घंटे तक बिजली गुल रहती है। जिसके चलते लोगों को पानी तक के लिए तरसना पड़ता है हालांकि, विद्युत विभाग लगातार विद्युत आपूर्ति में सुधार की बात कहते हुए अपनी पीठ थपथपा रहा है, लेकिन सच्चाई कुछ और ही बयां करती है।

अगर बात करें शहरभर में जर्जर और झुके हुए बिजली के खंभे की तो यह कभी भी हादसे का सबब बन सकते हैैं। बावजूद इसके इन खंभों बदला नहीं जा रहा। ऐसा नहीं है कि बिजली विभाग के इसके लिए कोई योजना नहीं है। योजना है और वो भी करीब 92 करोड़ की। जिसके तहत विभाग द्वारा बिजली लाइन को भूमिगत करने का दावा किया जाता है। मगर शहरभर के अलग-अलग इलाकों में जर्जर और झुके हुए बिजली के खंभे इसी दावे को खारिज कर रहे हैं।

गणेशपुरी के स्थानीय निवासी भी सोशल मीडिया पर इसी समस्या के निस्तारण की मांग कर रहे हैैं। गत वर्ष हापुड़ रोड पर जर्जर बिजली का खंभा गिरने से एक राह चलते युवक की मौत हो गई थी। हालांकि, जर्जर पोल गिरने के कारण यह कोई नया मामला नहीं है। इसके बाद और इससे पहले भी हर माह शहर में ऐसी कई घटनाएं घट चुकी हैं। लेकिन बिजली विभाग इसको लेकर सजग नहीं है। एक तरफ विभाग द्वारा 945 किमी बिजली लाइन को भूमिगत करने का दावा किया जाता है तो दूसरी तरफ शहरभर के अलग-अलग इलाकों में झुके हुए बिजली के जर्जर पोल इस दावों की पोल खोल रहे हैं

33 हजार केवी की लाइन

पुराने शहर की तंग गलियों में बिजली के खंभों की स्थिति अत्याधिक खराब है। ऐसी कोई गली या मोहल्ला नहीं होगा, जहां जर्जर या झुके हुए बिजली के खंभे ना दिख जाएं। इन खंभों को देखकर यह लगता है कि किसी भी समय गिर सकते हैं। ऐसी स्थिति पुराने शहर के प्रमुख इलाकों में भी बनी हुई है। जहां मेन रोड पर एचटी लाइन के बिजली के दो खंभे तारों के साथ बीच सड़क पर झुके हुए हैं। जो कभी भी बड़े हादसे का कारण बन सकते हैं क्योंकि इनसे होकर 33 हजार केवी की लाइन गुजर रही है।

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