– मंडप सजा, नहीं आई बारात दुल्हन करती रही इंतजार।
फिरोजाबाद। दुल्हन के घर बारात पहुंचने से कुछ घंटे पहले दूल्हा अचानक लापता हो गया। आरोप है कि वह अपनी ममेरी बहन के साथ फरार हो गया। दोनों परिवारों के बीच लगन-टीका की रस्म पहले ही पूरी हो चुकी थी। 27 अप्रैल को बारात आनी थी, जिसके लिए नीमखेरिया गांव में पूरी तैयारी की गई थी। मंडप सज चुका था, मेहमान पहुंच चुके थे और घर में शहनाइयों की गूंज थी। मामला शिकोहाबाद थाना क्षेत्र के नीमखेरिया गांव का है।

दुल्हन का रोरोकर बुरा हाल है। वहीं, दूल्हे के घर वाले इसपर कुछ भी बोलने को तैयार नही हैं। वहीं, दुल्हन के बाबा जो रेलवे में गैंगमैन हैं, इस घटना के बाद बेसुध हो गए हैं। परिवार में खुशी के दिन मातम जैसा माहौल है।
फिरोजाबाद के सैलई गांव का रहना वाला पुष्पेंद्र (27) जल निगम में संविदा कर्मचारी है। पुष्पेंद्र की शादी नीमखेरिया गांव की रहने वाली मोहिनी से तय हुआ था। फरवरी में सगाई हुई और 27 अप्रैल को बारात जानी थी। शनिवार को दिन में लगन-टीका की रस्म हुई। हल्दी-मेंहदी हुई।
परिवार और रिश्तेदार सभी इकट्ठा हुए थे, गाना-डांस चल रहा था। शाम को बारात आनी थी। मोहिनी के पिता बॉबी तैयारियों में जुटे थे। घर में शहनाइयां गूंज रही थीं, मेहमानों का आना-जाना लगा था और हर तरफ खुशियों का माहौल था। फिर पुष्पेंद्र के घरवालों ने मोहिनी के घर फोन करके बताया कि पुष्पेंद्र लापता हो गया। वह कहीं मिल नहीं रहा है। घर में छानबीन और तलाशी पर पता चला कि वह अपनी ममेरी बहन के साथ भाग गया।
इस सूचना के बाद दुल्हन के घर का माहौल बदल गया। लोगों में तरह-तरह की चर्चा होने लगी। खुशियां मातम में बदल गई। दुल्हन मोहिनी हाथों में मेहंदी लगाए दूल्हे का इंतजार करती रह गई। लेकिन बारात नहीं पहुंची। शादी के लिए तैयार किया गया मंडप खाली रह गया और दहेज व उपहार का सामान घर में ही पड़ा रह गया। परिवार के लोग सदमे में हैं।
दुल्हन के भाई गुलशन के अनुसार, लगन-टीका के समय वर पक्ष ने करीब एक लाख रुपये नकद, चेन, अंगूठी और अन्य सामान लिया था। अब दूल्हे के लापता होने के बाद परिजन जवाब नहीं दे रहे हैं, जिससे मामला और गंभीर हो गया है। दुल्हन के बाबा ग्याप्रसाद सागर, जो रेलवे में गैंगमैन हैं, इस घटना के बाद बेसुध हो गए हैं।
गुलशन ने बताया कि उन्होंने जब लड़का पक्ष के लोगों से बात की तो उनका कहना था कि उन्हें किसी संबंधों की कोई भी जानकारी नहीं थी। पुष्पेंद्र रविवार को दिन में कहीं जाने के लिए निकला। उसे बाजार में एक कार बैठा हुआ देखा गया था, ड्राइवर गाड़ी चला रहा था और इस गाड़ी में एक लड़की आकर के बैठ गई। इसके बाद वह चले गए।

