चार लोगों को मार चुका है, 30 से ज्यादा किसान हमले में घायल
मुरादाबाद। जिले में तेंदुओं के आतंक के पीछे 17 वां तेंदुआ पिंजड़े में कैद हुआ है। बीते डेढ़ महीने की बात करें तो अभी तक तेंदुओं के हमलों में 3 महिलाओं समेत 4 ग्रामीणों की मौत हो चुकी है। जबकि 30 से अधिक किसान गंभीर रूप से घायल हुए हैं। तीन दिन पहले तेंदुए ने कांठ के भरतपुर गांव में जंगल में घास काटने गई महिला निर्देश देवी को हमला करके घायल कर दिया था।
तेंदुओं के लगातार होते हमलों से वन विभाग के अधिकारी भी हलकान हैं। तेंदुओं को पकड़ने के लिए जिले में विशेष अभियान चलाया जा रहा है। वन विभाग द्वारा चलाए जा रहे विशेष रेस्क्यू अभियान में शुक्रवार को एक और बड़ी सफलता मिली है। तहसील ठाकुरद्वारा के गांव बलिया बल्लभगढ़ में वन विभाग द्वारा लगाए गए ट्रैप केज (पिंजरे) में शुक्रवार को एक और तेंदुआ सफलतापूर्वक कैद हो गया।
तेंदुए के पकड़े जाने की खबर मिलते ही आसपास के ग्रामीणों ने राहत की सांस ली है। पिछले कुछ समय से क्षेत्र में तेंदुए की सक्रियता के कारण ग्रामीणों में भय का माहौल था, जिसके बाद वन विभाग ने त्वरित कार्रवाई करते हुए गांव में ट्रैप केज लगाया था।
वन विभाग के अधिकारियों से मिली जानकारी के अनुसार, जनपद में तेंदुओं को सुरक्षित ठिकानों पर पहुंचाने के लिए चलाए जा रहे इस विशेष अभियान के अंतर्गत यह एक बड़ी उपलब्धि है। इस तेंदुए को मिलाकर अब तक कुल 17 तेंदुओं का सफलतापूर्वक रेस्क्यू किया जा चुका है।
पकड़े गए तेंदुए को सुरक्षित स्थान पर ले जाया गया है, जहां पशु चिकित्सकों द्वारा उसका स्वास्थ्य परीक्षण किया जाएगा। पूरी तरह स्वस्थ पाए जाने पर उच्चाधिकारियों के निदेर्शानुसार उसे सुरक्षित आरक्षित वन क्षेत्र में छोड़ दिया जाएगा।
वन विभाग ने स्थानीय निवासियों से अपील की है कि वे अभी भी सतर्क रहें और खेतों में अकेले जाने से बचें। किसी भी वन्यजीव की हलचल दिखने पर तुरंत वन विभाग को सूचित करें।