मंगेतर जख्मी, बड़े भाई के ससुराल से लौट रहा था परिवार; कटर मशीन से काटकर निकला गया शव
प्रतापगढ़। खड़ी पिकअप से टकराकर कार सवार भाई-बहन की मौत हो गई। जबकि एक अन्य युवक गंभीर रूप से घायल है। उसका इलाज जारी है। टक्कर इतनी भीषण थी कि कार के परखच्चे उड़ गए और उसमें सवार दोनों ने मौके पर ही दम तोड़ दिया।
बताया जा रहा है कि पीड़ित परिवार एक पारिवारिक कार्यक्रम से लौट रहा था। देर रात करीब 12:20 बजे रानीगंज ट्रामा सेंटर के पास यह हादसा हो गया। जहां सड़क किनारे प्लाईवुड से लदी एक पिकअप खड़ी थी। पीछे से आ रही कार उसमें इतनी तेजी से भिड़ गई। पिकअप का एक हिस्सा कार के ऊपर ही पलट गया और कार सवार तीनों लोग मलबे में फंस गए।
आवाज सुनकर स्थानीय लोग और पुलिस मौके पर पहुंचे। कार की स्थिति इतनी खराब थी कि घायलों को निकालने के लिए फायर ब्रिगेड को कटर मशीन और हथौड़ों की मदद लेनी पड़ी। काफी मशक्कत के बाद जेसीबी बुलाकर कार का मलबा हटाया गया और तीनों को बाहर निकाला जा सका। अस्पताल ले जाने पर डॉक्टरों ने भाई-बहन को मृत घोषित कर दिया, वहीं घायल युवक का इलाज जारी है। इस घटना से परिवार में कोहराम मच गया है। मामला शिवगढ़ के रानीगंज नगर पंचायत का बताया जा रहा है। घटनास्थल की जिला मुख्यालय से दूरी करीब 22 किलोमीटर है।
जौनपुर के मुंगरा बादशाहपुर के रहने वाले मनीष सोनी अपनी पत्नी दीपा और बच्चों के साथ कार से अपनी ससुराल गोंडा के मनकापुर गए थे। उनके साथ दूसरी कार में मनीष का छोटा भाई मोहित, उसकी मंगेतर रोली और रोली का भाई मोनू भी थे।
परिवार दो कारों से मंगलवार सुबह करीब 11 बजे गोंडा के लिए निकला था। बुधवार रात सभी की वापसी थी। सभी लोग दो कारों से रात में 10 बजे निकले थे। मनीष की कार आगे चल रही थी और मोहित की कार ठीक उसके पीछे थी। रात करीब 12:20 बजे प्रतापगढ़ में रानीगंज तहसील बाजार में ट्रामा सेंटर के पास नेशनल हाईवे पर कार हादसे का शिकार हो गई। मोहित की कार सड़क किनारे खड़ी प्लाईवुड से लदी एक पिकअप से जा टकराई। टक्कर इतनी भयानक थी कि कार के परखच्चे उड़ गए और पिकअप भी कार के ऊपर आधी पलट गई। कार में सवार मोहित, रोली और मोनू अंदर ही बुरी तरह फंस गए।
26 जनवरी को हुई थी सगाई, नवंबर में होनी थी शादी
मनीष सोनी ने रोते हुए बताया कि उनके ससुर राजेंद्र प्रसाद के निधन के बाद से वे अपनी साली रोली और साले मोनू को अपने साथ ही रखते थे। इसी साल 26 जनवरी को उन्होंने अपनी साली रोली की सगाई अपने छोटे भाई मोहित से कराई थी। नवंबर में दोनों की शादी होने वाली थीं। उससे पहले ही हादसा हो गया।
डेढ़ घंटे तक तड़पते रहें भाई-बहन
तीनों डेढ़ घंटे तक अंदर ही फंसे रहे। चीख-पुकार सुनकर लोगों की भीड़ जमा हो गई। राहगीरों ने उन्हें कार से बाहर निकालने का प्रयास किया। लेकिन पिकअप का भार होने के कारण घायलों को बाहर निकलने में सफलता हासिल नहीं हुई। मोहित की कार का पता न चलने पर भाई मनीष कार लेकर वापस लौटे। मौके पर लोगों की भीड़ और चीखपुकार सुनकर मोहित की कार के पास पहुंचे तो मोहित खून से लथपथ हालत में कार के अंदर फंसे हुए मिले। अंदर ही रोली और सोनू तड़पड़े रहें।
कटर और जेसीबी से निकाले गए लोग
आवाज सुनकर आसपास के लोग घरों से बाहर भागे। सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची। पुलिस ने भी घायलों को बाहर निकालने का प्रयास किया लेकिन कार इतनी बुरी तरह दब गई थी कि लोगों को बाहर नहीं निकाला जा सका। मौके पर फायर ब्रिगेड की टीम कटर मशीन और हथौड़े लेकर पहुंची। काफी मशक्कत के बाद पहले ड्राइवर सीट पर मौजूद मोहित को बाहर निकाला गया। इसके बाद जेसीबी की मदद से कार के मलबे को हटाकर रोली और मोनू को बाहर निकाला जा सका।
रानीगंज एसओ विजयकांत सत्यार्थी ने बताया कि हादसे की सूचना के बाद पुलिसकर्मियों ने घायलों को निकालकर इलाज के लिए ट्रामा सेंटर भिजवाया। हादसे में दो की मौत हो गई थी। दोनों की पहचान जौनपुर निवासी भाई-बहन के रूप में हुई है। एक का इलाज जारी है। शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है।