औरंगजेब के जमाने में बनी रंगीले शाह मस्जिद भी तोड़ी जा रही, 50 मजदूर जुटे
वाराणसी। दालमंडी में बुधवार सुबह से पांच मस्जिदों पर हथौड़ा चलना शुरू हो गया। सुबह सात बजे पहुंची प्रशासन की टीम ने दालमंडी का रास्ता टीन शेड लगाकर बंद कर दिया। 7:30 बजे चौक थाना के पीछे स्थित मस्जिद करीमुल्लाह बेग की बाउंड्री तोड़ने की कार्रवाई शुरू हुई।
मौके पर 50 मजदूर ध्वस्तीकरण में जुटे हैं। यह कार्रवाई दालमंडी चौड़ीकरण परियोजना के तहत की जा रही है। चौड़ीकरण की जद में 6 मस्जिद आईं हैं। इनमें से 5 ने पहले ही ध्वस्तीकरण की सहमति दे दी थी।
मोहर्रम समाप्त होने के बाद अब उन्हीं मस्जिदों के चिह्नित हिस्सों को तोड़ा जा रहा है। मजदूर मस्जिद पर चढ़कर उसकी बाउंड्री तोड़ रहे हैं। वहीं, मीडिया को वीडियोग्राफी करने से रोका जा रहा है। मौके पर 1500 पुलिसकर्मी तैनात किए गए हैं। 3 कंपनी पीएसी, सीआरपीएफ, आरआरएफ की बटालियन भी मौजूद है।
दालमंडी चौड़ीकरण परियोजना के तहत 181 मकानों के साथ 6 मस्जिदें तोड़ा जानी हैं। इनमें लंगड़े हाफिज मस्जिद, नेसारन की मस्जिद, रंगीले शाह मस्जिद, अली रजा मस्जिद, संगमरमर मस्जिद और मस्जिद मिर्जा करीमुल्लाह बेग शामिल हैं।
इनमें से लंगड़े हाफिज मस्जिद को छोड़कर सभी मस्जिद के जिम्मेदारों ने चौड़ीकरण में अपनी सहमति दे दी थी। मुहर्रम के पहले सभी की नाप कराई गई थी। मोहर्रम खत्म होने के बाद बुधवार को एक बार फिर दालमंडी में ध्वस्तीकरण की कार्रवाई शुरू हुई।
मजदूरों ने दालमंडी की ओर बनी बाउंड्री पर हथौड़ा चलाकर ध्वस्तीकरण की शुरूआत की। सबसे पहले मस्जिद मिर्जा करीमुल्लाह बेग के चौड़ीकरण की जद में आ रहे हिस्से को तोड़ा गया।
कार्रवाई से पहले प्रशासन ने दालमंडी जाने वाले मार्ग को टीन शेड लगाकर पूरी तरह बंद करा दिया। करीब 50 मजदूर ध्वस्तीकरण कार्य में लगाए गए हैं। सुरक्षा व्यवस्था बनाए रखने के लिए मौके पर 1500 पुलिसकर्मी और प्रशासनिक अधिकारी तैनात हैं। आम लोगों की आवाजाही पर रोक लगा दी गई है।
ध्वस्तीकरण के दौरान मीडिया कर्मियों को मौके पर वीडियोग्राफी और फोटोग्राफी करने से रोका गया। प्रशासन ने किसी भी व्यक्ति को कार्रवाई स्थल के पास रुकने की अनुमति नहीं दी। पूरे इलाके की निगरानी पुलिस की मौजूदगी में की जा रही है।