– सरधना चर्च में कृपाओं की माता की वार्षिक पदयात्रा हुई संपन्न।
शारदा रिपोर्टर मेरठ। सरधना स्थित ऐतिहासिक चर्च में शुक्रवार तड़के कृपाओं की माता की वार्षिक पदयात्रा श्रद्धा और भक्ति के माहौल में संपन्न हुई। हजारों श्रद्धालुओं ने मोमबत्तियां और धार्मिक ध्वज लेकर प्रभु यीशु और माता मरियम की स्तुति में भक्ति गीत गाए। चर्च परिसर में विशेष प्रार्थना सभा और पवित्र मिस्सा बलिदान का आयोजन किया गया।

वार्षिक पदयात्रा गुरुवार रात करीब 10 बजे संत जोजफ महागिरजाघर से शुरू हुई। श्रद्धालु हाथों में मोमबत्तियां लेकर भजन गाते हुए आगे बढ़ते रहे। पूरे रास्ते प्रभु यीशु और माता मरियम के जयकारों से वातावरण भक्तिमय बना रहा।
इस पदयात्रा में बच्चे, युवा, महिलाएं और बुजुर्ग बड़ी संख्या में शामिल हुए। रात करीब साढ़े बारह बजे यात्रा दबथुवा स्थित चर्च पहुंची, जहां फादर द्वारा विशेष प्रार्थना करवाई गई। कुछ देर विश्राम के बाद श्रद्धालु दोबारा सरधना चर्च के लिए रवाना हुए।
शुक्रवार सुबह लगभग साढ़े तीन बजे पदयात्रा ऐतिहासिक सरधना चर्च पहुंची। देर रात और सुबह तक चर्च परिसर श्रद्धालुओं से भरा रहा। इसके बाद धर्माध्यक्ष भास्कर जेसुराज के नेतृत्व में विशेष प्रार्थना और पवित्र मिस्सा बलिदान संपन्न हुआ। धर्माध्यक्ष ने अपने संदेश में कहा कि प्रभु ईश्वर पवित्र हैं और उनकी समस्त सृष्टि उनका गुणगान करती है। उन्होंने प्रेम, शांति और भाईचारे का संदेश भी दिया। विशेष प्रार्थना के बाद श्रद्धालुओं ने माता मरियम की चमत्कारिक तस्वीर के दर्शन किए। लोगों ने परिवार की खुशहाली, स्वास्थ्य, रोजगार और जीवन में शांति की कामना करते हुए मोमबत्तियां जलाईं।
कई श्रद्धालु घुटनों के बल चलकर माता मरियम के दरबार तक पहुंचे। श्रद्धालुओं का मानना है कि यहां सच्चे मन से मांगी गई हर मुराद पूरी होती है। इस धार्मिक आयोजन में दिल्ली, पंजाब, हरियाणा, उत्तराखंड और उत्तर प्रदेश समेत कई राज्यों से श्रद्धालु पहुंचे। बड़ी संख्या में लोग अपने परिवारों के साथ चर्च परिसर में मौजूद रहे। बच्चों और युवाओं ने भी कार्यक्रमों में बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया। श्रद्धालुओं की भारी भीड़ को देखते हुए पुलिस प्रशासन पूरी तरह अलर्ट रहा।
चर्च परिसर और आसपास के इलाकों में सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए थे। यातायात व्यवस्था को सुचारु बनाए रखने के लिए पुलिसकर्मी लगातार निगरानी करते रहे। कार्यक्रम में फादर मार्टिन रावत, फादर वलेरियन पिंटो समेत अन्य पुरोहित भी मौजूद रहे। पूरे आयोजन के दौरान श्रद्धा, भक्ति और आध्यात्मिक ऊर्जा का अद्भुत संगम देखने को मिला।
हजारों श्रद्धालुओं ने बेगमपुल से सरधना तक की प्रार्थना


