– मेडिकल कॉलेज और जिला अस्पताल की ओपीडी में पहुंच रहे दो गुने मरीज।
शारदा रिपोर्टर मेरठ। कभी गर्मी कभी बारिश तो कभी तेज हवाएं इस बदलते मौसम के चलते इन दिनों सरकारी और प्राइवेट अस्पतालों में मरीजों की लंबी कतारें देखने को मिल रही है। वहीं, इस बदलाव को लेकर विशेषज्ञों का कहना है कि, सावधानी बरतने की जरूरत है।

दिन में बढ़ती गर्मी और सुबह-शाम की ठंड लोगों को बीमार कर रही है। सबसे ज्यादा मरीज लाला लाजपत राय मेडिकल कॉलेज और प्यारेलाल जिला अस्पतालों में पहुंच रहे हैं। जबकि, प्राइवेट अस्पतालों की बात करें तो यहां भी मरीजों की संख्या कम नहीं है। अस्पतालों में पहुंच रहे मरीज ज्यादातर खांसी, जुखाम, बुखार, चक्कर आने, घबराहट होने, जी मिचलाने और उल्टी-दस्त के आ रहे हैं। जिसके चलते सरकारी अस्पतालों में रोजाना के मुकाबले ओपीडी लगभग दोगुनी हो गई है।
सोमवार को प्यारे लाल जिला अस्पताल की ओपीडी में विभिन्न बीमारियों के मरीजों की भीड़ रही। ओपीडी में आने वाले हर 10 मरीजों में से चार मरीज वायरल की चपेट में हैं। जिला अस्पताल और मेडिकल में रोजाना करीब चार हजार से ज्यादा मरीज ओपीडी में पहुंच रहे हैं। इनमें बुखार, सांस, खांसी और ब्लड प्रेशर के करीब 800 सौ से ज्यादा मरीज पहुंच रहे हैं।
मेडिकल में मेडिसिन विभाग के प्रोफेसर डॉ. अरविंद कुमार की मानें तो तापमान में अचानक आए उतार-चढ़ाव से शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता कमजोर पड़ जाती है, जिससे लोग वायरल संक्रमण का शिकार हो रहे हैं। इस बदलते मौसम के चलते सांस के मरीजों की परेशानी बढ़ जाती है। जबकि, खांसी, जुखाम, बुखार और वायरल के मरीज भी अपने इलाज के लिए चिकित्सकों के पास आते हैं।
वहीं, टीबी एवं चेस्ट रोग विशेषज्ञ डॉ. संतोष मित्तल के अनुसार दमा और श्वास रोग से पीड़ित लोगों को सुबह-शाम की ठंड और दिन की गर्मी ज्यादा परेशान कर रही है। ब्लड प्रेशर के मरीजों में भी उतार-चढ़ाव की शिकायतें बढ़ी हैं।
इसके अलावा बाल रोग विभागाध्यक्ष डॉ. अनुपमा वर्मा का कहना है कि, छोटे बच्चों को इस मौसम में सावधानी बरतने की जरूरत है। अभिभावकों को बच्चों को सुबह-शाम हल्के गर्म कपड़े पहनाने चाहिए। बचाव और उपाय-धूल और धुएं से बचें, सांस के रोगी इनहेलर लेते रहें, पर्याप्त पानी पीएं, धूम्रपान से दूर रहें, सुबह जल्दी बाहर निकलते समय सिर, कान और गला ढकें-पर्याप्त नींद लें, विटामिन सी वाले फलों का सेवन करें। क्योंकि, बदलते मौसम में बुखार, सांस और ब्लड प्रेशर के रोगियों की संख्या में इजाफा हुआ है। मौसम बदलने के साथ ही सावधानी बरतने की भी जरूरत है। जरा सी लापरवाही सेहत पर भारी पड़ सकती है।
बदलते मौसम में अधिक सावधान रहने की जरूरत है। इन दिनों बुखार, सांस, खांसी, जुकाम के मरीजों की संख्या बढ़ी है। बच्चों और बुजुर्गों को खास ध्यान रखने की जरूरत है। – डॉ. अशोक कटारिया, सीएमओ


