सीजेआई से स्वतंत्र जांच की गुहार लगाई
नई दिल्ली। अयोध्या के श्रीराम जन्मभूमि मंदिर में दान में कथित चोरी और गड़बड़ियों का मामला सुप्रीम कोर्ट पहुंच गया है। मामले पर सुनवाई के लिए उखक सूर्य कांत से गुहार लगाई गई है। वकील अनूप अवस्थी ने इस मामले में स्वत: संज्ञान लेने और सुप्रीम कोर्ट की निगरानी में स्वतंत्र जांच की मांग की है। याचिका में एफआईआर दर्ज करने और जनता का भरोसा बनाए रखने के लिए कोर्ट की निगरानी में जांच के निर्देश देने की भी मांग की गई है।
हालांकि सीजेआई सूर्य कांत ने वकीलों से अनुरोध किया है, कि कोर्ट में किसी केस की मौखिक मेंशनिंग न करें। इसकी जगह पर कृपया लिखित नोट दें, फिर हम देखेंगे कि क्या जरूरी है और क्या नहीं। उन्होंने आगे कहा कि हम जमानत की सभी अर्जियों, व्यक्तिगत स्वतंत्रता वगैरह से जुड़े मामलों को लिस्ट करेंगे.इससे पहले उत्तर प्रदेश सरकार ने शनिवार को राम मंदिर ट्रस्ट के वित्तीय प्रबंधन और दान राशि से संबंधित आरोपों की जांच के लिए 3 सदस्यीय विशेष जांच दल (एसआईटी) के गठन का ऐलान किया। अधिकारियों के अनुसार श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के अनुरोध के बाद सीएम योगी आदित्यनाथ के निर्देश पर एसआईटी टीम गठित की गई. यह टीम तीर्थ क्षेत्र में दानपात्रों के संबंध लगाए जा रहे आरोपों की जांच कर सरकार को अपनी रिपोर्ट सौंपेगी.आईटी टीम में वरिष्ठ भारतीय प्रशासनिक सेवा (आईएएस) अधिकारी लखनऊ के मंडलायुक्त विजय विश्वास पंत, भारतीय पुलिस सेवा (आईपीएस) अधिकारी और पुलिस महानिरीक्षक किरन एस. और वित्त विभाग के विशेष सचिव नील रतन को रखा गया है। बयान में कहा गया कि दानपात्रों को लेकर सोशल मीडिया पर फैल रही अफवाहों को गंभीरता से लेते हुए ट्रस्ट ने मामले की निष्पक्ष जांच के लिए सीएम योगी से विशेष जांच दल गठित किए जाने का अनुरोध किया था।
एसआईटी के गठन पर राम मंदिर निर्माण समिति के अध्यक्ष नृपेंद्र मिश्र ने कहा जिस गति से ये फैसला लिया गया है वह अपने में प्रशंसा की बात है। मुझे पता लगा है कि एसआईटी की टीम ने शीर्ष स्तर पर मार्गदर्शन और आशीर्वाद के लिए मुख्यमंत्री योगी से भेंट करने का अनुरोध किया है। उसके तत्काल बाद वो यहां पर आकर अपनी जांच शुरू करेंगे। उन्होंने कहा मैं यह नहीं समझता किसी प्रकार की ढिलाई बरती जाएगी, इसके कई पहलू है एक आपराधिक पहलू है दूसरा भविष्य में सुधार का पहलू है। यह दोनों जब हो जाएगा तब ही श्रद्धालु का विश्वास हम जीत पाएंगे।