शुक्रवार को स्विटजरलैंड में अधिकारिक मुहर लगेगी
तेहरान/वॉशिंगटन। अमेरिका-ईरान के बीच शांति समझौता हो गया है और शुक्रवार को स्विट्जरलैंड में इस पर आधिकारिक मुहर भी लग जाएगी। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनल्ड ट्रंप इस समझौते को लेकर कितने बेताब थे इसका अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि वह ईरान को 300 अरब डॉलर का पुननिर्माण पैकेज देने के लिए तैयार हो गए।
इस समझौते पर हस्ताक्षर होने से पहले ईरान की अर्ध-सरकारी न्यूज एजेंसी मेहर ने अमेरिका-ईरान के बीच 14 सूत्रीय सहमति पत्र का मसौदा पब्लिश किया है। समझौता ज्ञापन के मसौदे में कई मोर्चों पर सैन्य अभियानों को तुरंत रोकने, ईरानी तेल निर्यात पर प्रतिबंध हटाने, होर्मुज स्ट्रेट को फिर से खोलने और ईरान के लिए कम से कम 300 अरब डॉलर के पुनर्निर्माण पैकेज का प्रावधान शामिल है।
बता दें कि इस दस्तावेज को वॉशिंगटन या तेहरान ने आधिकारिक तौर पर जारी नहीं किया है लेकिन उम्मीद है कि अमेरिकी राष्ट्रपति डोनल्ड ट्रंप और ईरानी अधिकारियों द्वारा घोषित शुरूआती समझौते के बाद यह एक व्यापक शांति प्रक्रिया का आधार बनेगा। इस मेमोरैंडम पर 19 जून को स्विट्जरलैंड में औपचारिक रूप से हस्ताक्षर किए जाने हैं। सामने आई जानकारी से पता चलता है कि यह समझौता दुश्मनी खत्म करने और बातचीत के दूसरे दौर के लिए माहौल बनाने पर केंद्रित है। इस दूसरे दौर में ईरान के परमाणु कार्यक्रम, प्रतिबंधों और आर्थिक सुधार जैसे मुद्दों पर चर्चा होगी।
ईरान की सर्वोच्च राष्ट्रीय सुरक्षा परिषद ने पुष्टि की है कि महीनों की बातचीत के बाद एक समझौता ज्ञापन को अंतिम रूप दिया गया है। परिषद ने इसे इस्लामाबाद वार्ता का नाम दिया है, जो मध्यस्थता की कोशिशों में पाकिस्तान की भूमिका को दशार्ता है।
काउंसिल ने एक बयान में कहा ईरान ने अपने शहीद नेता की अगुवाई में अमेरिकी जायोनी दुश्मन पर अपनी बढ़त साबित कर दी है। इस्लामिक रिपब्लिक के सुप्रीम लीडर (ईश्वर उनकी रक्षा करे) के निदेर्शों, सभी लोगों के समर्थन और इस्लाम के योद्धाओं की अथक कोशिशों के साथ-साथ कई महीनों तक चली मुश्किल और गहन बातचीत के बाद और सुप्रीम नेशनल सिक्योरिटी काउंसिल के फैसले के आधार पर ईरान और अमेरिका के बीच युद्ध खत्म करने की बातचीत (इस्लामाबाद बातचीत) पर ‘मेमोरेंडम आॅफ अंडरस्टैंडिंग’ (समझौता ज्ञापन) का मसौदा 14 जून की शाम को अंतिम रूप दिया गया।
बयान में आगे कहा गया, “हुए समझौतों के आधार पर लेबनान समेत सभी मोर्चों पर युद्ध और सैन्य अभियान आज रात से ही तुरंत और हमेशा के लिए खत्म हो जाएंगे और इसके अलावा ईरान के खिलाफ नौसैनिक नाकेबंदी भी तुरंत और पूरी तरह से खत्म कर दी जाएगी। इसमें आगे कहा गया, “इस ‘मेमोरेंडम आॅफ अंडरस्टैंडिंग’ पर आधिकारिक तौर पर शुक्रवार, 19 जून को हस्ताक्षर किए जाएंगे।” ईरान ने यह भी संकेत दिया कि अंतिम समझौते पर बातचीत तभी शुरू होगी जब वॉशिंगटन मेमोरेंडम में बताए गए अहम वादों को पूरा कर लेगा।