– दिल्ली के करोलबाग में रह रहा था, फर्जी पते पर परिवार के पांच पासपोर्ट बनवाए थे।
गाजियाबाद। पुलिस की स्वाट टीम और अपराध शाखा ने फर्जी पासपोर्ट मामले में बुधवार रात सातवें आरोपी हजमीत सिंह को गिरफ्तार किया। गिरफ्तारी दिल्ली के करोलबाग से हुई। मामला भोजपुर गांव के फर्जी पते पर बनाए गए पासपोर्ट से जुड़ा है। पिछले दिनों भोजपुर क्षेत्र के फर्जी पते पर दिल्ली से 22 पासपोर्ट बनने का मामला सामने आया था। मामले में भोजपुर थाने के एसओ सचिन बालियान और नौ दरोगाओं को निलंबित किया गया था। पासपोर्ट आवेदन के सत्यापन में फजीर्वाड़ा करने के आरोप में भोजपुर थाने के एक सिपाही को भी आरोपी बनाया गया है।

डीसीपी ग्रामीण सुरेंद्रनाथ तिवारी ने बताया कि मामले की जांच क्राइम ब्रांच कर रही है। आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई के तहत स्वाट टीम, अपराध शाखा और पुलिस की संयुक्त टीम ने दिल्ली के टैंक रोड, करोलबाग में दबिश दी। यहीं से तिलकनगर, दिल्ली के एसएफ फतेहनगर निवासी हजमीत सिंह को गिरफ्तार कर लिया।
पूछताछ में आरोपी हजमीत सिंह ने बताया कि वह पिछले 15 साल से परिवार के साथ दिल्ली में अलग-अलग किराए के मकानों में रह रहा था, जिसके कारण उसका पासपोर्ट नहीं बन पा रहा था। वह दुबई जाकर नौकरी करना चाहता था।
अपने रिश्तेदार कुलवीर के माध्यम से उसे मुस्ताक अहमद निवासी डीडीए कॉलोनी ख्याला, दिल्ली के बारे में पता चला। वो पासपोर्ट बनवाता था। हजमीत ने मुस्ताक से संपर्क करके पांच पासपोर्ट बनवाने के लिए कहा। मुस्ताक ने प्रति पासपोर्ट 1.20 लाख रुपए मांगे। हजमीत ने उसे कुल छह लाख रुपए दिए थे।
पासपोर्ट के लिए भोजपुर के फर्जी पतों पर आधार कार्ड, ड्राइविंग लाइसेंस और बैंक पासबुक जैसे दस्तावेज तैयार कराए गए। हाल ही में अलग-अलग तिथियों पर परिवार के सदस्यों को पासपोर्ट सेवा केंद्र महरौली, दिल्ली बुलाया गया।
आरोप है कि आरोपी मुस्ताक की वहां पहले से सांठगांठ थी। हजमीत ने बताया कि पांचों पासपोर्ट जारी हो गए थे, लेकिन मुस्ताक ने जारी किए गए पांचों पासपोर्ट हजमीत से वापस ले लिए थे।

