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Monday, February 23, 2026
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Homeशहर और राज्यउत्तर प्रदेशबवाल करने वाले मेरे समर्थक नहीं: सांसद चंद्रशेखर आजाद

बवाल करने वाले मेरे समर्थक नहीं: सांसद चंद्रशेखर आजाद

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  • पुलिस चिह्नित कर कार्रवाई करे, पीड़ितों को न्याय दिलाने के लिए आंदोलन करूंगा।

प्रयागराज। ‘मेरे कार्यकतार्ओं ने कोई हंगामा नहीं किया है। जब इस तरह की घटनाएं होती हैं तो कुछ उदंड लोग इसमें घुसकर हंगामा करने का काम करते हैं। मैंने प्रशासन से कहा है कि वीडियो के जरिए चिह्नित करके ऐसे लोगों पर कार्रवाई करें। चाहे वह किसी भी संगठन के हों। मैं ऐसे लोगों का समर्थन नहीं करता हूं।’ यह बात प्रयागराज में आजाद समाज पार्टी (कांशीराम) के राष्ट्रीय अध्यक्ष और लोकसभा सांसद चंद्रशेखर आजाद ने कही।

उन्होंने कहा- मेरी इच्छा है कि मैं अपने परिवार से मिलूं। मुझे वापस भेजा जा रहा है। मगर मैं जाना नहीं चाहता। मैं चाहता हूं कि मैं अपने परिवार से मिलूं। मगर मुझे यहां से जबरदस्ती भेजा जा रहा है। कहा कि भले ही यहां मुझे रोक दिया गया लेकिन जल्द ही पीड़ितों को न्याय दिलाने के लिए मैं लखनऊ में बड़ा आंदोलन करूंगा। इस मुद्दे को मैं संसद में भी उठाऊंगा।

सांसद चंद्रशेखर आजाद ने कहा मुझे दो पीड़ित परिवारों से मिलना था। मुझे परिवार के लोग बुला रहे थे। मगर पुलिस ने मुझे यहां रोक दिया। अफसरों ने पहले कहा कि आपको परिवार से मिलवा दूंगा। फिर मुझे यहां रोक दिया गया। मैं, बड़ी जिम्मेदारी के साथ कहना चाहूंगा कि यहां पुलिस अधिकारियों ने मुझे छलने का काम किया है। मुझे परिवार से क्यों नहीं मिलने नहीं दिया गया, पता नहीं।
आजाद समाज पार्टी (कांशीराम) के राष्ट्रीय अध्यक्ष व सांसद चंद्रशेखर आजाद रविवार सुबह 11 बजकर 30 मिनट पर फ्लाइट प्रयागराज एयरपोर्ट पहुंचे। वह कौशांबी और करछना में पीड़ित परिवारों से मिलने के लिए जाना चाहते थे।

मगर पुलिस ने उन्हें पीड़ित परिवारों से मिलने से रोक दिया। पुलिस और चंद्रशेखर के बीच यहां 30 मिनट तक बहस हुई। फिर पुलिस 12. 30 बजे चंद्रशेखर को सर्किट हाउस ले गई। करीब 1 बजे चंद्रशेखर ने पीड़ित परिवार को सर्किट हाउस बुलाने की मांग की। पुलिस ने मना किया तो वह धरने पर बैठ गए। समर्थक हंगामा करने लगे। इसी बीच पुलिस ने चंद्रशेखर को हाउस अरेस्ट कर लिया। साथ ही दरवाजा बंद कर लिया।

सर्किट हाउस के बाहर जमा कार्यकतार्ओं में अफवाह फैली कि पुलिस ने चंद्रशेखर को गिरफ्तार कर लिया है। यह खबर इसौटा गांव पहुंच गई। जहां करीब 5000 कार्यकर्ता मौजूद थे।
इधर चंद्रशेखर की मांग पर पुलिस इसौटा के पीड़ित परिवार को गांव से सर्किट हाउस ले जाने लगी। चंद्रशेखर ने यहां आने का ऐलान किया है। लिहाजा उन्हें यहां आने दिया जाए। पुलिस से बहस शुरू हुई तो हंगामा शुरू हो गया। आजाद समाज पार्टी, भीम आर्मी के कार्यकर्ता सड़क पर आ गए। करछना के भड़ेवरा बाजार हनुमानपुर मोरी गांव के पास कार्यकतार्ओं ने बवाल शुरू कर दिया। समर्थक लाठी-डंडे और झंडे लेकर सड़क पर आ गए। पहले तो गाड़ियों पर चढ़कर विरोध किया। फिर प्रयागराज-मिजार्पुर मार्ग पर चक्काजाम कर दिया। जब पुलिस जाम खुलवाने लगी तो समर्थकों ने पथराव कर गाड़ियों में तोड़फोड़ शुरू कर दी। सबसे पहले प्रयागराज-मिजार्पुर मार्ग पर हनुमानपुर मोरी में प्राइवेट बसों को निशाना बनाया।

दुकानों पर पथराव कर तोड़फोड़ की। जब पुलिस ने लाठियां चलाईं तो समर्थकों ने पुलिसवालों पर हमला करना शुरू कर दिया। पुलिस की गाड़ियों पर हमला किया तो पुलिसवालों को दूर भागना पड़ा। इसके बाद समर्थकों ने एक के बाद तीन गाड़ियों को पलट दिया। ईंट-पत्थर और डंडे से तोड़फोड़ की। समर्थकों ने पुलिस के 8 वाहनों में तोड़फोड़ की। 3 को पलटा दिया। 2 बाइकों में आग लगा दी। 7 प्राइवेट वाहनों में भी तोड़फोड़ की।

आम नागरिकों पर ईंट-पत्थर बरसाए। इससे मची भगदड़ में कई महिलाएं और बच्चों समेत 15 लोग जख्मी हो गए। कई दुकानों पर पथराव कर शीशे तोड़ दिए। 5 घंटे तक समर्थकों ने बवाल किया।

 

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