.. जानिए और क्या कुछ हुआ है खास।
Workers Salary Hike: श्रमिकों के हित में प्रशासन ने बड़ा फैसला लिया है। न्यूनतम वेतन में बड़ी बढ़ोतरी की गई हैं और अब हर महीने 10 तारीख से पहले सैलरी देना अनिवार्य होगा। इसके साथ ही ओवरटाइम पर डबल वेतन, बोनस और महिला सुरक्षा के लिए नए नियम लागू किए गए हैं, जिससे श्रमिकों को आर्थिक और सामाजिक सुरक्षा मिलेगी।

यूपी में सीएम योगी आदित्यनाथ की सरकार ने बड़ा ऐलान किया है। यूपी की योगी आदित्यनाथ सरकार ने गौतमबुद्ध नगर में विरोध प्रदर्शन के बीच कुशल और अकुशल श्रमिकों का वेतन बढ़ाने का फैसला किया है। यूपी सरकार ने श्रमिकों की मजदूरी में एक अप्रैल से 21 फीसदी तक की अंतरिम बढ़ोतरी का फैसला किया है। अब अंतरिम तौर पर मजदूरी दरें नोएडा और गाजियाबाद में अकुशल श्रमिकों के लिए 13690 रुपये अर्ध कुशल मजदूरों के लिए 15059 रुपये और कुशल श्रमिकों के लिए 16868 रुपये तय की गई हैं।

सिर्फ मासिक वेतन कितना होगा
अकुशल श्रमिकों के लिए मासिक वेतन 11313.65 रुपये और दैनिक मजदूरी 435.14 रुपये तय की गई है। अर्धकुशल श्रमिकों के लिए मासिक 12446 रुपये और दैनिक 478.69 रुपये से निर्धारित है। जबकि, कुशल श्रमिकों के लिए मासिक 13940.37 रुपये और दैनिक 536.16 रुपये तय किए गए। हालांकि, सरकार ने 20 हजार रुपये न्यूनतम वेतन की खबर को भ्रामक बताया है। भारत सरकार ने नए श्रम संहिता (Labour Code) के तहत राष्ट्रीय स्तर पर न्यूनतम वेतन तय करने की कार्यवाही शुरू की है। इसका मकसद सभी राज्यों में श्रमिकों को न्यायसंगत और समान वेतन सुनिश्चित करना है।
सरकार का कहना है कि वो श्रमिक और उद्योग दोनों के बीच संतुलन बनाकर फैसले लेना चाहती है। न्यूनतम वेतन में अंतरिम बढ़ोतरी को मंजूरी दी गई है और आगे श्रम संहिता लागू होने के बाद इसमें और इजाफा हो सकता है। भविष्य में वेज बोर्ड की सिफारिशों के आधार पर नया वेतन तय किया जाएगा।
मुख्यमंत्री ने वेतन के अलावा कामगारों को बोनस और भत्ते को लेकर भी आश्वासन दिया है। महिला श्रमिकों की सुरक्षा भी सुनिश्चित करने को कहा है। साथ ही अवैध गतिविधियों और गलत सूचना फैलाने वालों पर कड़ी कार्रवाई के निर्देश दिए हैं।
जानिए और क्या कुछ हुआ है खास-
काम के घंटे और 12 घंटे की शिफ्ट का समीकरण-
– नए नियमों के अनुसार काम के घंटों में बदलाव का विकल्प दिया गया है।
– कंपनियां 12 घंटे की शिफ्ट लागू कर सकती हैं, लेकिन सप्ताह में सिर्फ 48 घंटे काम करने का नियम बरकरार रहेगा।
– अगर कोई कर्मचारी दिन में 12 घंटे काम करता है, तो उसे सप्ताह में अनिवार्य रूप से 3 दिन की छुट्टी देनी होगी।
– लगातार 5 घंटे काम करने के बाद कर्मचारी को आधे घंटे का विश्राम मिलना अब कानूनी रूप से अनिवार्य है।
ओवरटाइम और कमाई के नए नियम-
– ओवरटाइम करने वाले मजदूरों के लिए नए कोड में कुछ बड़े फायदे जोड़े गए हैं।
– 15 मिनट से ज्यादा का अतिरिक्त काम अब ‘ओवरटाइम’ माना जाएगा, जिसके लिए कंपनी को सामान्य वेतन से दोगुना भुगतान करना होगा।
– अब ‘बेसिक सैलरी’ कुल सीटीसी (CTC) का कम से कम 50% होनी चाहिए, जिससे रिटायरमेंट के समय मिलने वाले पीएफ (PF) और ग्रेच्युटी की राशि बढ़ जाएगी।
– कंपनियों को महीने के अंत के सात दिनों के भीतर वेतन का भुगतान हर हाल में करना होगा।
छुट्टियों और सामाजिक सुरक्षा के अधिकार-
– कर्मचारियों की सामाजिक सुरक्षा और छुट्टियों को लेकर कानून अब और भी सख्त हो गया है।
– अब 240 के बजाय केवल 180 दिन काम करने पर ही मजदूर ‘पेड लीव’ के हकदार हो जाएंगे।
– पहली बार जोमैटो, स्विगी जैसे प्लेटफॉर्म पर काम करने वाले अस्थाई कर्मचारियों को भी सामाजिक सुरक्षा के दायरे में लाया गया है।
– नाइट शिफ्ट में काम करने वाली महिला कर्मचारियों की सुरक्षा और उनकी लिखित सहमति को अनिवार्य कर दिया गया है।
शिकायत और समाधान का रास्ता-
– अगर कोई कंपनी इन नियमों का उल्लंघन करती है, तो मजदूरों के पास कानूनी रास्ते खुले हैं।
– विवादों के निपटारे के लिए अब लंबी अदालती कार्रवाई के बजाय लेबर ट्रिब्यूनल के माध्यम से 45 दिनों में फैसला सुनाया जाएगा।
– हर मजदूर को अपनी कंपनी की एचआर पॉलिसी और नए लेबर कोड की कॉपी मांगनी चाहिए ताकि वह अपने अधिकारों की रक्षा कर सके।
– नए नियमों में भी मजदूरों को यह हक दिया गया है कि वे बिना किसी हिंसा के अपना विरोध जता सकें और अपनी मांगों के लिए एकजुट होकर आवाज उठा सकें।


