– रामपुर में डंपर से टक्कर के बाद आग लगी।
रामपुर। 23 साल की महिला सिपाही और उसके 2 साल के बेटे की कार में जलकर मौत हो गई। पति और देवर झुलस गए। महिला परिवार के साथ स्विफ्ट डिजायर कार से रामपुर से नैनीताल घूमने गई थी। लौटते वक्त कार की बेकाबू डंपर से टक्कर हो गई, जिससे कार में आग लग गई। कार में आगे बैठे देवर और पति किसी तरह गेट खोलकर बाहर निकल गए। जबकि टक्कर के बाद गेट लॉक होने की वजह से महिला सिपाही बाहर नहीं निकल पाई। पति चीखता-चिल्लाता रहा, लेकिन वह उन्हें बचा नहीं पाया। चीख-पुकार सुनकर आसपास के लोग मौके पर पहुंचे।

पुलिस और फायर ब्रिगेड को बुलाकर आग बुझाई गई। कार से महिला सिपाही और उसके बेटे को निकाला गया। बच्चे की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि सिपाही ने अस्पताल ले जाते वक्त दम तोड़ दिया। पुलिस ने पति और देवर को हल्की-फुल्की चोटें लगी हैं। हादसा गंज थाना क्षेत्र में बुधवार रात करीब 11 बजे हुआ। हादसे के बाद डंपर चालक रुका नहीं, वह गाड़ी लेकर भाग गया।
रामपुर के मिलक क्षेत्र के बेहटरा गांव में दान सिंह का परिवार रहता है। वह किराए पर गाड़ियां चलवाने का काम करते हैं। दान सिंह सिपाही पत्नी लता, 2 साल के बेटे लट्टू और ममेरे भाई रवि के साथ बुधवार सुबह 100 किमी दूर नैनीताल घूमने गए थे। उसी दिन शाम को नैनीताल से लौट रहे थे। दान सिंह कार चला रहे थे। भाई रवि आगे की सीट पर था, जबकि पत्नी बेटे के साथ पीछे की सीट पर बैठी थी।
बताया जा रहा कि रात 11 बजे काशीपुर के आंगा गांव के पास पहुंचे थे, तभी सामने से आए डंपर ने कार को साइड से टक्कर मार दी। टक्कर से कार की पेट्रोल टंकी फट गई, इससे आग लग गई। हादसा घर से करीब 26 किमी दूर हुआ। कार दान सिंह के होमगार्ड पिता इंगल सिंह के नाम पर रजिस्टर्ड है।
टक्कर के तुरंत बाद कार में आग लग गई। दान सिंह और रवि किसी तरह गेट खोलकर बाहर निकल आए। डंपर ने पीछे के गेट पर टक्कर मारी थी, इसलिए गेट लॉक हो गए। महिला सिपाही अपने दो साल के बेटे के साथ कार में फंस गई। आग की लपटें देख आसपास के लोग मौके पर पहुंचे।
जहां हादसा हुआ, उससे थोड़ी दूर पर पेट्रोल पंप है। लपटें देख कर्मचारी फायर एक्स्टिंग्युशर लेकर आग बुझाने के लिए दौड़े, तब तक पुलिस और फायर ब्रिगेड की टीम भी पहुंच गई थी। आनन-फानन में महिला सिपाही और उसके बेटे को बाहर निकाला। इसके बाद आग पर काबू पाया। इसमें 10-15 मिनट लगे। हादसे में कार बुरी तरह से जल गई। हादसे में जान गंवाने वाली लता श्रावस्ती जिले में तैनात थीं।
पहली पत्नी की भी सड़क हादसे में हुई थी मौत
महिला सिपाही लता, दान सिंह की दूसरी पत्नी थी। परिजनों ने बताया कि दान सिंह की पहली पत्नी की भी चार साल पहले सड़क हादसे में मौत हुई थी। दोनों बाइक से कहीं जा रहे थे। इसके बाद दान सिंह ने लता से दूसरी शादी की थी। हालांकि चार साल पहले हादसा कैसे हुआ था। इस बारे में ज्यादा डिटेल अभी नहीं मिल पाई है।
अस्पताल ले जाते वक्त सिपाही ने तोड़ा दम
घटना की जानकारी मिलते ही एएसपी अनुराग सिंह पहुंचे। पुलिस ने महिला सिपाही लता, उनके पति और देवर को निजी अस्पताल में भर्ती कराया, जहां लता की गंभीर हालत को देखते हुए उन्हें बरेली रेफर कर दिया गया। अस्पताल ले जाते वक्त लता की भी मौत हो गई। हादसे के बाद काशीपुर के पास काफी देर तक जाम लगा रहा। पुलिस ने कार को साइड में हटवाकर जाम खुलवाया।
सामने से आ रहे डंपर ने ठोकर मारी
दान सिंह ने बताया कि मैं नैनीताल से अपने घर वापस आ रहा था। मैं खुद कार चला रहा था। तभी सामने से आया डंपर साइड से मारते हुए मेरी कार में टकरा गया। इसके बाद आग लग गई। जैसे ही एक्सीडेंट हुआ, मैं कार से बाहर कूद गया। पत्नी सो रही थीं, जबकि बेटा जग रहा था। हादसे में दोनों जल गए। कहा कि मैं बस यही चाहता हूं कि डंपर और आरोपी चालक गिरफ्तार हों और कड़ी कार्रवाई हो।
घायल देवर ने रोते हुए पूरी घटना बताई
घायल देवर रवि ने रोते हुए बताया कि दो हफ्ते पहले ही नई कार खरीदी थी। दो दिन पहले मथुरा घूमकर आए थे। वहां से मंगलवार रात करीब 4 बजे घर लौटे और सो गए। बुधवार सुबह दान सिंह का फोन आया। उसने कहा कि नैनीताल चलना है। मैंने पहले मना कर दिया कि मैं गाड़ी नहीं चला सकता, लेकिन फिर भी मैं चला गया।
बुधवार सुबह 11 बजे दान सिंह के घर पहुंचा। मिलक से बिलासपुर तक दान सिंह ने गाड़ी चलाई और बिलासपुर से नैनीताल तक मैंने गाड़ी चलाई। पहाड़ पर पहुंचने के बाद गाड़ी फिर दान सिंह को दे दी। नैनीताल घूमने के बाद वहां से रामपुर की तरफ लौटते समय मेरी तबीयत खराब हो गई। मैं कार में सो गया था, तभी अचानक जोर की आवाज आई। सामने से आ रहे डंपर ने कार के साइड में टक्कर मार दी, जिससे कार में आग लग गई। मैं और दान सिंह किसी तरह बाहर निकल गए, लेकिन दान सिंह की पत्नी और बेटा बुरी तरह झुलस गए। दोनों की मौत हो गई।

