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मेरठ प्रशासन की अनोखी शुरुआत, जेल में बंद महिला कैदियों के बच्चों का कराया गया इंग्लिश मीडियम स्कूल में एडमिशन

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मेरठ प्रशासन की अनोखी शुरुआत, जेल में बंद महिला कैदियों के बच्चों का कराया गया इंग्लिश मीडियम स्कूल में एडमिशन

  • इंग्लिश मीडियम स्कूल में एडमिशन, जहां मिलेगी उनको फ्री शिक्षा।

 


शारदा न्यूज़, संवाददाता |


 

मेरठ। हर व्यक्ति को शिक्षा मिले और हर बच्चा पढ़ने के लिए स्कूल जाए इसी के तहत मेरठ जेल प्रशासन और जिला प्रशासन की ओर से एक अनोखी शुरुआत की गई है। जिसमें मेरठ जिला कारागार में बंद महिला कैदियों के बच्चों का इंग्लिश मीडियम स्कूल में दाखिला कराया गया है। जहां पर उनको फ्री शिक्षा दी जाएगी। जेल में बंद महिला कैदियों के मासूम बच्चे भी अब अन्य बच्चों की तरह इंग्लिश मीडियम स्कूल में पढ़ सकेंगे। मेरठ जेल प्रशासन और जिला प्रशासन ने जेल में बंद महिला कैदियों के 7 छोटे बच्चों की शिक्षा के अधिकार के तहत इंग्लिश मीडियम स्कूल में एडमिशन कराया है और बच्चों को स्कूल लाने ले जाने के लिए जेल से स्कूल तक एक वैन को भी लगाया गया है।

 

दरअसल बता दें मेरठ जिले में मौजूद चौधरी चरण सिंह जिला कारागार में कुछ ऐसी महिलाएं भी बंदी हैं जिनके छोटे-छोटे बच्चे हैं और ऐसी ही जेल में बंद महिलाओं के साथ बच्चों को शिक्षा के अधिकार के तहत इंग्लिश मीडियम स्कूल में दाखिला कराया गया है जिन को स्कूल ले जाने और छोड़ने के लिए जेल प्रशासन की ओर से एक वैन भी लगाई गई है। बाकायदा बच्चों को लाने ले जाने वाली सरकारी गाड़ी में एक महिला सुरक्षा गार्ड को भी लगाया गया है।

बता दें जेल में कुछ ऐसी महिलाएं भी बंदी है जिन पर 302 , 307 की धाराओं में मामले विचाराधीन चल रहे हैं और उनके बच्चे भी उनके साथ ही हैं । जिसमें जिला कारागार में 7 ऐसे बच्चे हैं जिनको इंग्लिश मीडियम स्कूल में एडमिशन दिलाया गया है। मेरठ के साकेत में के एस पब्लिक स्कूल में उनको एडमिशन दिलाया गया है जहां उनको फ्री शिक्षा का प्रबंध किया गया है। बच्चे सुबह 7:30 बजे जेल से स्कूल जाते हैं और 12:30 बजे जेल की गाड़ी उनको वापस स्कूल से लेकर आती है।

वहीं मेरठ के जिलाधिकारी दीपक मीणा ने बताया कि हमारे द्वारा मंथली निरीक्षण जेल का किया जाता है और इस बार हम निरीक्षण के लिए गए तो हमने पाया कि जेल में 7 बच्चे ऐसे थे जिनकी पढ़ाई चल रही थी और उनकी क्वालिटी एजुकेशन के लिए यह निर्णय लिया गया जो भी पास में स्कूल अच्छे स्कूल है। प्राइवेट स्कूल है उसमें उनका दाखिला कराया जाए और 7 बच्चों का दाखिला इंग्लिश मीडियम स्कूल में कराया गया है। जहां उनको कोई फीस नहीं है यह काफी अच्छी पहल है। आगे भी हम ऐसा कर रहे हैं कि अन्य जो जगाए हैं उनमें भी कहीं बाहर पढ़ना चाहते हैं तो उनको क्वालिटी एजुकेशन दी जाए अभी हम पिछली दफा गए तो वहां बच्चे स्कूल ड्रेस में देखे तो काफी अच्छा लगा अच्छा माहौल था उनकी माताओं को भी अच्छा लग रहा है।

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