– कारोबारी को बंधक बनाकर 23 अप्रैल को डाला था डाका, दोनों राजस्थान के रहने वाले थे।
मथुरा। कारोबारी को बंधक बनाकर डकैती डालने वाले दो डकैतों को पुलिस ने एनकाउंटर में मार गिराया। बाबरिया गिरोह के दोनों डकैतों पर 50-50 हजार का इनाम था। मारे गए डकैत में धर्मवीर उर्फ लंबू (35) और राजेंद्र उर्फ पप्पू (55) है। दोनों मूलरूप से राजस्थान के रहने वाले थे। धर्मवीर भरतपुर के थाना गहनौलीमोड के बोकाली गांव का रहने वाला था। जबकि राजेंद्र अलवर के अम्बेडकर नगर के बहरोड स्थित गवर्नमेंट कालेज के पास का रहने वाला था। इन्होंने अपने 5 साथियों के साथ मिलकर कारोबारी अजय अग्रवाल के घर पर डाका डाला था।

23 अप्रैल की रात अजय अग्रवाल के घर छत के रास्ते घुसे। अजय अग्रवाल, उनके पिता, पत्नी और 6 साल की मासूम बच्ची को रस्सियों से बांध दिया। गन प्वाइंट पर लॉकर की चाबी ली। करीब ढाई घंटे तक घर में खुलकर लूटपाट की। वारदात के बाद एसएसपी श्लोक कुमार ने डकैतों की तलाश के लिए 17 टीमें बनाई थीं।
बुधवार को पुलिस को डकैतों के यमुना एक्सप्रेस-वे के पास होने का इनपुट मिला। पुलिस ने घेराबंदी कर ली। गुरूवार सुबह 7 बजे दोनों बदमाश संदिग्ध बाइक से आते दिखे। पुलिस ने रुकने का इशारा किया तो बाइक सवार यूटर्न लेकर भागने लगे। इस दौरान बेकाबू होकर उनकी बाइक गिर गई।
पकड़े जाने के डर से उन्होंने पुलिस पर फायरिंग शुरू कर दी। जवाब में पुलिस ने भी गोलियां चलाईं। गोली लगने से दोनों बदमाश घायल हो गए। पुलिस उन्हें अस्पताल ले गई। जहां डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया। एनकाउंटर में स्वाट टीम प्रभारी अजय वर्मा और हेड कांस्टेबल दुर्ग विजय भी घायल हुए। दोनों को गोली लगी है।
डकैत धर्मवीर पर मथुरा के अलावा हरियाणा, दिल्ली और राजस्थान में डकैती, हत्या की कोशिश, छिनैती, चोरी समेत 16 मुकदमे दर्ज हैं। वहीं, डकैत पप्पू पर मेरठ, फिरोजाबाद, मथुरा के अलावा हरियाणा और दिल्ली में डकैती समेत 11 मुकदमे दर्ज हैं।
एसएसपी श्लोक कुमार ने बताया कि सुरीर थाना क्षेत्र में डकैती के मामले में पुलिस एफआईआर दर्ज करके बदमाशों की तलाश कर रही थी। इसके बाद से बदमाशों ने नोएडा, खैर, दिल्ली, पलवल और रेवाड़ी में भी वारदातों को अंजाम दिया। इस बीच पुलिस को कल रात उनके मूवमेंट का पता चला। डकैत राजेंद्र पर 11 और धर्मवीर पर चोरी, लूट, डकैती समेत 16 मामले दर्ज थे।
ये नाम बदलकर अपराध को अंजाम देते थे। कई बार जेल भी जा चुके थे। इनके पास से डकैती में जो सामान ले गए थे, उनमें से कुछ रकम और जेवर बरामद हुए हैं। छानबीन में पता चला है कि दोनों बदमाशों पहले घरों के पास कई दिनों तक रेकी करते थे। उसके बाद मौका पाकर डकैती को अंजाम देते थे।

