नई दिल्ली। अमेरिका-इजरायल के साथ ईरान की जंग ने पूरे मिडिल ईस्ट को हिला कर रख दिया है। अमेरिका और इजरायल की तरफ लगातार हमले किए जा रहे हैं तो वहीं ईरान भी पलटवार कर रहा है। ईरान खाड़ी और अरब देशों में अमेरिका के बेसों को निशाना बना रहा है। जंग के बीच एक तरफ जहां अमेरिका ईरानी नेवी के समाप्त होने का दावा कर रहा है तो वहीं इजरायल ने कहा है कि ईरान के आसमान पर हमारा कब्जा है।

ईरान में खामेनेई की मौत के बाद अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने बड़ा बयान दे दिया है। एक अमेरिकी न्यूज वेबसाइट को ट्रंप ने बताया है कि ईरान के अगले सर्वोच्च नेता के चयन में उन्हें शामिल किया जाना चाहिए। ट्रंप ने कहा है कि दिवंगत अयातुल्ला अली खामेनेई के बेटे मोजतबा खामेनेई का सर्वोच्च नेता के तौर पर चयन अस्वीकार्य होगा। हालांकि ट्रंप के इस बयान के बाद ईरान के सर्वोच्च पद को लेकर क्या होने वाला है। यह देखने वाली बात होगी।
इस पूरे युद्ध के बीच भारत की बात करें तो भारत ने खाड़ी देशों में रहने वाले अपने नागरिकों के लिए एडवाइजरी जारी की है। भारत ने परामर्श जारी करते हुए अपने नागरिकों से अपील की है कि वे स्थिति को ध्यान में रखते हुए सतर्क रहें और स्थानीय अधिकारियों के सुरक्षा दिशानिदेर्शों का पालन करें। परामर्श में कहा गया है, विदेश में रहने वाले भारतीयों की सुरक्षा को सरकार सर्वोच्च प्राथमिकता देती है और वर्तमान घटनाक्रम पर उच्चतम स्तर पर नजर रखी जा रही है। इस बीच तमाम देशों से भारतीय नागरिकों को वापस भी लाया जा रहा है।
ईरान में जापानी नागरिक हिरासत
जापान के विदेश मंत्रालय ने शुक्रवार को कहा कि ईरान में एक और जापानी नागरिक को हिरासत में लिया गया है, और टोक्यो ने दोनों लोगों की जल्द रिहाई का अनुरोध किया है। मंत्रालय ने कन्फर्म किया कि दूसरे व्यक्ति को 28 फरवरी को अमेरिका और इजराइल द्वारा ईरान पर किए गए मिलिट्री हमलों से पहले हिरासत में लिया गया था।
मंत्रालय ने कहा कि हिरासत में लिया गया व्यक्ति सुरक्षित है और उसकी सेहत अच्छी है, लेकिन हिरासत के समय या पिछले महीने सामने आए एक जापानी पत्रकार की हिरासत से इसका कोई संबंध है या नहीं, जैसी कोई और जानकारी नहीं दी।


