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नोएडा में अब हालात सामान्य, श्रमिक काम पर लौटे

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– तीन दिन में 80 व्हाट्सएप ग्रुप बने, हिंसा भड़काई गई, मानेसर हिंसा से जुड़े तार।

नोएडा। हिंसा के बाद अब हालात सामान्य हैं। सेक्टर-57 में इंडस्ट्री खुली है। सभी कामगार अपनी-अपनी कंपनी में काम करने जा रहे हैं। हालांकि सुरक्षा व्यवस्था को देखते हुए पुलिस बल मौजूद है। अलग-अलग हिस्से में श्रमिकों के हिंसक प्रदर्शन के पीछे तीन संगठनों का नाम सामने आया है। मजदूर बिगुल दस्ता संगठन इनमें प्रमुख है। इस संगठन के प्रमुख रूपेश राय को पुलिस ने गिरफ्तार किया। साथ ही श्रमिकों को भड़काने वाले 18 अन्य लोगों की भी गिरफ्तारी नोएडा पुलिस ने अलग-अलग जगहों से की है। ये सभी आरोपियों ने श्रमिकों को प्रदर्शन के दौरान व्हाट्सएप ग्रुप में जोड़कर उन्हें हिंसा के लिए उकसाया था।

 

 

तीन दिनों में 80 से अधिक ग्रुप तैयार किए गए थे, जिनमें से करीब 50 ग्रुप की जानकारी पुलिस को मिल चुकी है। इनमें से 17 ग्रुप का सत्यापन किया गया है, जहां साफ तौर पर हिंसा भड़काने वाले संदेश साझा किए गए थे। इन ग्रुप्स में श्रमिकों की वास्तविक मांगों जैसे वेतन बढ़ोतरी या कार्य स्थितियों में सुधार को लेकर कोई चर्चा नहीं थी। कर्मचारियों को उकसाने, भीड़ जुटाने और फैक्ट्रियों में तोड़फोड़ करने जैसी बातें लिखी जा रही थी।

मजदूर बिगुल दस्ता संगठन से जुड़े लोग औद्योगिक क्षेत्रों में घूम-घूमकर मजदूरों को भड़काने का काम कर रहे थे। इस संगठन का नाम इससे पहले हरियाणा के मानेसर में हुई औद्योगिक हिंसा में भी सामने आया था। संगठन का नेटवर्क केवल नोएडा तक सीमित नहीं है, बल्कि अन्य राज्यों में भी सक्रिय है।

जांच के दौरान पुलिस को 50 से अधिक संदिग्ध एक्स हैंडल की जानकारी मिली है। ये हैंडल हिंसा से एक-दो दिन पहले ही बनाए गए थे और इनके जरिए भड़काऊ पोस्ट डाले जा रहे थे। इन पोस्ट्स का उद्देश्य माहौल को और अधिक उग्र बनाना था।

पुलिस ने इन हैंडल्स की विस्तृत जानकारी के लिए एक्स कंपनी से संपर्क किया है। इसके लिए आधिकारिक पत्र और ईमेल भेजे गए हैं, ताकि इन अकाउंट्स के संचालकों की पहचान की जा सके।

17 व्हाट्सएप ग्रुप्स का सत्यापन

अब तक 17 व्हाट्सएप ग्रुप्स का सत्यापन किया जा चुका है और 18 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है। उन्होंने कहा कि यह जांच अभी जारी है और आने वाले दिनों में और गिरफ्तारियां हो सकती हैं। पुलिस डिजिटल और तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर पूरे नेटवर्क को ध्वस्त करने की दिशा में काम कर रही है।

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