अर्चना गौड़
आपकी सोच जितनी ऊंची होगी आपकी सफलता भी उतनी ही ऊंचाइयों को छूएगी। सीमाओं से आगे बढ़ने वाले ही इतिहास रच सकते हैं। जीवन में सफलता पाने के लिए सोच ऊंची रखनी चाहिए, जो व्यक्ति केवल परिस्थितियों तक सीमित रहकर सोचता है , वह कभी अपनी मंजिल तक नहीं पहुंच सकता, जो व्यक्ति सीमाओं से परे सोचते हैं, नए सपने देखते हैं तभी कुछ बड़ा कर पाते हैं।
मैं उन महिलाओं नाओं से आग्रह करना चाहती हूं, जिन्होंने जिम्मेदारियो के चलते अपनी सोच को ही बदल दिया अपने सपने तोड़ दिए आगे बढ़ने के लिए वह बस घर पति और बच्चों तक ही सीमित रह गई उन्होंने अपनी योग्झता को ही कुचल दिया जिम्मेदारियां निभाने के लिए अपनी सोच ही बदल दी। हमारी सकारात्मक सोच ही उर्जा का मुख्य स्रोत है, जो बड़ी-बड़ी मुश्किलों को पार करने और सफलता हासिल करने में मदद करती है। याद रखो जितना बड़ा सपने होंगे, उतनी ही बड़ी चुनौतियां आएंगी, लेकिन सफलता भी उतनी ही शानदार होगी अपनी विफलताओं से हताश न हो बार-बार प्रयास करें, और अपनी सोच को ना बदले।
महान बनना छोड़कर लक्ष्य पर ध्यान दें सफलता केवल एक परिणाम नहीं, बल्कि एक सोच का आधार है, आज के दौर में हर व्यक्ति सफल होना चाहता है, पर उनकी सोच बहुत छोटी है। आगे बढ़ने के लिए हमें सोच को भी बड़ा करना पड़ेगा। हर व्यक्ति नाम कमाना चाहता है, कोई पैसा तो कोई सम्मान। हर कोई सफलता की चमक को देखता है, पर अपनी सोच छोटी रखता हैं। सोच जितनी बड़ी उतनी ही बड़ी सफलता। यह सिर्फ सफलता का पैमाना या सिर्फ एक मुहावरा ही नहीं, बल्कि जीवन की सच्चाई है, सफलता का पैमाना आपके विचारों से तय होता है, यदि आप साधारण सोचते हैं तो साधारण परिणाम होते है, ऊंची सोच रखते हैं तो आप असाधारण उपलब्धियां हासिल कर सकते हैं।
सोच का दायरा बढ़ाओ सफलता खुद ब खुद बड़ी हो जाएगी। जितना ऊंचा सोचोगे, उतना ही ऊंचा मुकाम पाओगे। महिलाएं ज्यादातर जरा सी जिम्मेदारी या कठिनाई आने पर अपनी सोची बदल देती हैं, समझौता कर लेती हैं यह उचित नहीं है कुछ महिलाएं तो छोटे शहरों में रहकर अपनी सोच को ऊंचा रखती हैं, और अपनी मंजिल पा लेती हैं, बड़ी सोच बड़े सपनों को हकीकत में बदल सकती है सफलता पहले दिमाग में बनती है, फिर हकीकत में दिखती है, सोच ऊंची रखो पर जमीन से जुड़े रहो घमंड नहीं करना चाहिए। ऊंची सोच और जमीन से जुड़ाव आपको अपनी मंजिल तक लेकर जाता है, सोच को पंख दो सफलता आसमान छू लेगी ।
छोटे शहर अमीर-गरीब होना कोई फर्क नहीं पड़ता। ऊंची सोच इंसान को वहां तक पहुंचा देती है, जहां कदम भी डगमगाते हैं। सपनों की ऊंचाई सोच की गहराई पर निर्भर करती है यह सत्य है ऊंची सोच वाले ही इतिहास रचते हैं। जब सोच बदलती है, तभी किस्मत बदलती है कुछ लोग ऐसे भी होते हैं जो सोच तो ऊंची रखते हैं, पर दिल छोटा रखते हैं, केवल ऊंची सोच रखना ही काफी नहीं है, उस सोच पर काम करना भी जरूरी है। आज के समय में हर व्यक्ति सफलता पाना चाहता है लेकिन बहुत कम लोग समझ पाते हैं की सफलता की असली शुरुआत कहां से होती।
अध्यापिका – सेंट जोन्स सीनियर सेकंडरी स्कूल मेरठ कैंट



