ज्ञान प्रकाश
तेलगु फिल्म की नकल थी
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फिल्म का नाम एक और इतिहास रखा गया लेकिन इसे बाद में बदल कर एक दूजे के लिए रख दिया गया था। फिल्म के लिए एस पी बाला सुब्रह्मण्यम को कमल हसन के प्ले बैक के लिए चुन लिया गया। आनंद बक्षी ने इस फिल्म के लिए यादगार गीत लिखे। इंदर राज आनंद ने संवाद लिखे थे। लक्ष्मीकांत प्यारेलाल ने क्लासिकल धुनों पर एक से बढ़ कर एक धुनें दी थी। हम बने तुम बने एक दूजे के लिए, तेरे मेरे बीच में कैसा है बंधन, सोलह बरस की बाली उमर को सलाम जैसे गीत ने फिल्म को हिट करा दिया। के बाला सुब्रह्मण्यम की ये पहली हिंदी फिल्म थी। वो इतना नर्वस थे कि इनके हाथ से चाय लता मंगेशकर की साड़ी पर गिर गई थी।