बेटी उछलकर छह फिट दूर गिरकर गंभीर घायल, ग्रामीणों ने एक घंटे किया सड़क जाम
फिरोजाबाद। गैस टैंकर ने घर के बाहर सो रहे परिवार को रौंद दिया। पहिये के नीचे आने के कारण पिता-पुत्र की मौके पर ही मौत हो गई। गंभीर रूप से घायल बेटी का इलाज जारी है।
हादसा मंगलवार सुबह 5:30 बजे उस वक्त हुआ, जब परिवार घर के बाहर सड़क किनारे बने मकान में छप्पर के नीचे चारपाई डालकर सो रहा था। तभी रोड से गुजर रहा गैस टैंकर चालक को झपकी आने के कारण बेकाबू हो गया।
टैंकर रोड से उतरकर सीधे मकान में जा घुसा और चारपाई पर चढ़ गया। चारपाई पर सो रहे पिता को रौंद दिया। फिर पास पड़ी एक दूसरी चारपाई से जा भिड़ा। इस चारपाई पर सो रहा 10 साल का बेटा भी पहिए के नीचे आ गया, जबकि 13 साल की बेटी उछलकर करीब 6 फिट दूर जा गिरी और गंभीर घायल हो गई।
इसके बाद बेकाबू टैंकर पास खड़े आॅटो रिक्शा पर चढ़ गया। आॅटो रिक्शा चूरचूर हो गया। टक्कर की भीषण आवाज सुनकर पड़ोसी मौके पर पहुंचे। भागने की कोशिश कर रहे चालक को हिरासत में ले लिया।
गुस्साए ग्रामीणों ने शिकोहाबाद-मैनपुरी मार्ग को जाम कर दिया। सूचना पर पहुंची पुलिस ने ग्रामीणों को शांत कराया और चालक को हिरासत में लेकर करीब एक घंटे के बाद जाम खुलवाया। हादसा जिला मुख्यालय से 22 किलोमीटर शिकोहाबाद थाना क्षेत्र की है।
शिकोहाबाद थाना क्षेत्र के मैनपुरी रोड स्थित मोहम्मदपुर माड़ई गांव निवासी कासिम अली (50) अपने 10 साल के बेटे तौसीफ और 13 साल की बेटी शहरीन (शिफा) के साथ सोमवार रात घर के बाहर सड़क किनारे बने मड़ई (छप्परनुमा बरामद) में चारपाई पर सो रहे थे।
कासिम और तौसीफ एक चारपाई पर, जबकि शहरीन दूसरी चारपाई पर सोई थी। पड़ोसी मोहम्मद असलम ने बताया- सुबह मंगलवार सुबह करीब 5:30 बजे अरांव की ओर से इंडेन का गैस से भरा एक टैंकर आया। चालक को नींद की झपकी आने से टैंकर अनियंत्रित होकर सड़क से उतर गया और सीधे चारपाई पर चढ़ गया।
हादसा इतना भीषण था कि कासिम अली और उनके बेटे तौसीफ की मौके पर ही मौत हो गई। वहीं उनकी बेटी शहरीन गंभीर रूप से घायल हो गई। उसे तत्काल उपचार के लिए पहले स्थानीय अस्पताल ले जाया गया, जहां से हालत गंभीर होने पर सैफई मेडिकल कॉलेज रेफर कर दिया गया।
ग्रामीणों ने लगाया जाम
हादसे से नाराज ग्रामीणों ने सुबह करीब 6:15 बजे शिकोहाबाद-मैनपुरी मार्ग पर जाम लगा दिया। ग्रामीणों ने प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी करते हुए मृतकों के परिजनों को उचित मुआवजा और कार्रवाई की मांग की। जाम के कारण दोनों ओर वाहनों की लंबी कतारें लग गईं और करीब एक घंटे तक यातायात पूरी तरह बाधित रहा।
अधिकारियों ने समझाकर खुलवाया जाम
सूचना मिलने पर सुबह करीब 6:45 बजे एसडीएम गजेंद्र पाल सिंह, सीओ अमरीश कुमार, इंस्पेक्टर अनुज कुमार राणा और अन्य प्रशासनिक अधिकारी मौके पर पहुंचे। अधिकारियों ने पीड़ित परिवार को हरसंभव सहायता का आश्वासन दिया और ग्रामीणों को समझाकर शांत कराया। करीब सुबह 7:15 बजे जाम समाप्त कराया गया, जिसके बाद यातायात सामान्य हो सका।
आॅटो चलाकर पालते थे परिवार
कासिम दो बेटे और चार बेटियों के पिता थे। एक बेटा दिल्ली में रहता है और वहीं मजदूरी करता है। बड़ी बेटी की शादी हो चुकी है। दो बेटी अपनी मां के साथ अंदर घर के अंदर सो रही थी। बाकी एक बेटा-बेटी पिता के साथ बाहर सो रहे थे, जो हादसे का शिकार हो गए। कासिम आॅटो रिक्शा चलाकर और मजदूरी करके परिवार का भरण-पोषण करते थे।
चालक हिरासत में, टैंकर जब्त
सीओ अमरीश कुमार ने बताया कि टैंकर चालक हिरासत में ले लिया गया है। वाहन को कब्जे में लेकर जांच शुरू कर दी गई है। प्रारंभिक जांच में हादसे का कारण चालक को नींद की झपकी आना माना जा रहा है। फिलहाल चालक से पूछताछ की जा रही है। पुलिस ने दोनों शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। वहीं घायल किशोरी का इलाज जारी है।