– मृतक मानकर परिवारवार वालों ने किया था अंतिम संस्कार।
संभल। एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है, जहाँ सिर कुचलकर हत्या किए गए एक युवक के शव की पहचान गलत हो गई। जिस व्यक्ति को मृत मानकर उसका अंतिम संस्कार कर दिया गया था, वह मंगलवार को जिंदा मिल गया। इस घटना ने पुलिस के सामने गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं कि आखिर वह अज्ञात शव किसका था। यह घटना 24 दिसंबर की है, जब बहजोई के चांदनी चौक स्थित खंडहर मार्केट में एक युवक का शव मिला था। युवक की ईंट से सिर कुचलकर हत्या की गई थी और उसके सिर के पिछले हिस्से पर गहरे घाव के निशान थे। शव के पास से एक बैग भी बरामद हुआ था।

पुलिस ने शिनाख्त के प्रयास शुरू किए तो आसपास के लोगों और बाद में परिजनों ने शव की पहचान बहजोई के गोलागंज निवासी सुशील कुमार के रूप में की। शव के हाथ पर बना टैटू, उम्र, कद-काठी और शक्ल काफी हद तक सुशील से मिलती-जुलती थी। साथ ही, बरामद बैग भी सुशील के पास रहने वाले बैग जैसा ही था। सूचना मिलने पर बदायूं से सुशील की बहन और काशीपुर (उत्तराखंड) से भाई अनिल कुमार व पप्पू बहजोई पहुँचे।
पोस्टमॉर्टम के बाद दोनों भाइयों ने काली मंदिर स्थित श्मशान घाट पर शव का अंतिम संस्कार कर दिया। पुलिस जांच में यह भी सामने आया कि सुशील का आपराधिक रिकॉर्ड था और उस पर एक दर्जन से अधिक मुकदमे दर्ज थे। इसी कारण परिवार उससे दूरी बनाए हुए था और शुरूआत में रिपोर्ट दर्ज कराने से भी कतरा रहा था।
इसी बीच, मुखबिर के जरिए पुलिस को सूचना मिली कि सुशील जिंदा है और उसे बहजोई के आसपास देखा गया है। इसके बाद पुलिस ने तलाश तेज की और मंगलवार को उसे एक चौराहे से बरामद कर लिया।
थाना प्रभारी संत कुमार के अनुसार, सूचना पर पुलिस सुशील को थाने लाई और बदायूं से उसकी बहन को बुलाया गया, जिसने सुशील को जिंदा पहचान लिया। अब पुलिस इस मामले में गहनता से जांच कर रही है कि आखिर वह शव किसका था जिसकी हत्या की गई थी।


