घायल की मदद करने पहुंचे लोगों को एसयूवी ने टक्कर मारी, 10-12 फीट दूर गिरे
गोंडा। बुधवार देर रात सड़क हादसे में घायल युवकों की मदद कर रहे लोगों को तेज रफ्तार एसयूवी ने रौंद दिया। हादसे में दो सगे भाइयों, चाचा-भतीजे समेत पांच लोगों की मौत हो गई। चार लोग गंभीर रूप से घायल हो गए।
तरहटा गांव निवासी संजय तिवारी करनैलगंज तहसील में मुंशी का काम करते थे। मंगलवार रात वह काम खत्म कर मोटरसाइकिल से घर लौट रहे थे। इसी दौरान पीछे से आ रहे एक डंपर ने टक्कर मार दी। संजय बाइक समेत सड़क किनारे गड्ढे में जा गिरे। घायल अवस्था में मदद के लिए आवाज लगाने लगे।
तभी करुआ गांव निवासी विनय उर्फ सनी सिंह (26) मजदूर लेने जा रहे थे। उन्होंने संजय की आवाज सुनकर अपनी मोटरसाइकिल रोकी और गड्ढे में उतरकर उन्हें बाहर निकालने लगे। कुछ ही देर बाद मालियन पुरवा नारायणपुर माझा निवासी हसन मोहम्मद (40) अपने बेटे तबरेज (20), परवेज (18) और भाई इम्तियाज अली (27) के साथ मौके पर पहुंचे।
सूर्यवंशम पुरवा नारायणपुर माझा निवासी गुलशन (25) अपने भतीजे अंशुमान (10) और पड़ोसी अल्ताफ (32) के साथ घटनास्थल पर पहुंच गए। सभी लोग घायल संजय को सड़क के एक किनारे से उठाकर दूसरी तरफ ले जा रहे थे, ताकि एंबुलेंस बुलाकर उन्हें अस्पताल पहुंचाया जा सके।
इस दौरान करनैलगंज की ओर से लखनऊ जा रही एक दिल्ली नंबर की रवश् नारायणपुर मोड़ स्थित संतोष ढाबा के पास बेकाबू हो गई। कार को आबिद नाम का ड्राइवर चला रहा था। कार मालिक कस्बा करनैलगंज निवासी शोएब भी साथ था।
प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक एसयूवी की रफ्तार काफी तेज थी। वाहन ने घायल को बचाने में जुटे लोगों को कुचल दिया और डिवाइडर पार करते हुए दूसरी लेन में पहुंच गई। हादसे में संजय तिवारी, हसन मोहम्मद, इम्तियाज अली, गुलशन, अंशुमान, विनय सिंह उर्फ सनी, तबरेज, परवेज और अल्ताफ गंभीर रूप से घायल हो गए।
हादसे के बाद स्थानीय लोगों ने आबिद और शोएब को पकड़ लिया। उसके साथ मारपीट की। बाद में करनैलगंज कोतवाली पुलिस के हवाले कर दिया। पुलिस ने शोएब और आबिद को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू कर दी है।
घटना के बाद सभी घायलों को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र करनैलगंज ले जाया गया। वहां डॉक्टरों ने हसन मोहम्मद (40), इम्तियाज अली (27), गुलशन (25) और संजय तिवारी (33) को मृत घोषित कर दिया। अंशुमान (10) और अल्ताफ (32) की हालत गंभीर होने पर उन्हें गोंडा मेडिकल कॉलेज भेजा गया। वहां से दोनों को लखनऊ रेफर कर दिया गया।
लखनऊ ले जाते समय रास्ते में अंशुमान की मौत हो गई, जबकि अल्ताफ का इलाज ट्रॉमा सेंटर में चल रहा है। वहीं, घायल तबरेज (20), परवेज (18) और विनय सिंह उर्फ सनी (26) का प्राथमिक उपचार के बाद सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र से डिस्चार्ज कर दिया गया।
दोषियों पर होगी कड़ी कार्रवाई
डीएम प्रियंका निरंजन ने बताया कि गोंडा-लखनऊ हाईवे पर एक अनियंत्रित रवश् द्वारा लोगों को रौंदने की घटना सामने आई है। हादसे में पांच लोगों की मौत हुई है और कई लोग घायल हुए हैं। पूरे मामले की विस्तृत जांच कराई जा रही है। जो भी दोषी पाया जाएगा, उसके खिलाफ कठोर कार्रवाई की जाएगी।