बिजनौर बैराज से पानी छोड़े जाने का असर, कई घाट जलमग्न, जल पुलिस-गोताखोर तैनात
बुलंदशहर। पहाड़ी और मैदानी क्षेत्रों में लगातार हो रही बारिश तथा बिजनौर बैराज से पानी छोड़े जाने के बाद बुलंदशहर में गंगा का जलस्तर तेजी से बढ़ने लगा है। नदी का पानी तटीय इलाकों तक पहुंचने लगा है, जिससे कई प्रमुख घाट जलमग्न हो गए हैं। स्थिति को देखते हुए जिला प्रशासन ने अलर्ट जारी कर सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी है। घाटों पर जल पुलिस और गोताखोरों की तैनाती कर दी गई है।
पिछले दो दिनों से गंगा का जलस्तर लगातार बढ़ रहा है। जिले के अहार, अवंतिका देवी घाट, अनूपशहर, नरोरा और रामघाट पर पानी सामान्य स्तर से काफी ऊपर पहुंच गया है। अनूपशहर में गंगा घाट की अधिकांश सीढ़ियां पानी में डूब चुकी हैं। वहीं प्रसिद्ध जाह्नवी द्वार आरती स्थल से गंगा का जलस्तर अब महज डेढ़ फुट नीचे रह गया है।
जलस्तर बढ़ने के साथ गंगा का पानी खादर क्षेत्र के जंगलों में भी फैलने लगा है। इससे स्थानीय पशुपालकों के सामने मवेशियों के लिए चारे और चराई की समस्या खड़ी होने की आशंका है। हालांकि फिलहाल किसी आबादी या फसल को नुकसान की सूचना नहीं है।
जल निगम और ड्रेनेज विभाग के अनुसार, बिजनौर बैराज से लगातार पानी छोड़े जाने का असर बुलंदशहर में दिखाई दे रहा है। पहले बैराज से 78,000 क्यूसेक पानी छोड़ा गया था। इसके बाद चरणबद्ध तरीके से 58,572 क्यूसेक और गुरुवार सुबह 57,773 क्यूसेक अतिरिक्त पानी छोड़ा गया, जिससे गंगा का जलस्तर लगातार ऊंचा बना हुआ है।
श्रद्धालुओं की सुरक्षा को देखते हुए प्रशासन ने कच्चे घाटों पर स्नान न करने की अपील की है। पक्के घाटों पर पानी के भीतर बैरिकेडिंग कराई गई है ताकि लोग गहरे पानी में न जा सकें। सभी प्रमुख घाटों पर जल पुलिस और प्रशिक्षित गोताखोर तैनात किए गए हैं। साथ ही खादर क्षेत्र के राजस्व कर्मियों को भी लगातार निगरानी रखने के निर्देश दिए गए हैं।
जिलाधिकारी कुमार हर्ष ने बताया कि गंगा के बढ़ते जलस्तर को लेकर प्रशासन पूरी तरह सतर्क है। खादर क्षेत्र के सभी लेखपालों को लगातार निगरानी रखने और किसी भी आपात स्थिति की तत्काल सूचना देने के निर्देश दिए गए हैं। उन्होंने कहा कि फिलहाल जिले में कहीं भी आबादी या फसलों को नुकसान नहीं हुआ है और स्थिति पूरी तरह नियंत्रण में है।