मौसम विभाग की चेतावनी, 40 किमी की रफ्तार से चलेंगी हवाएं, 28 जगहों पर पंप लगाए गए
नोएडा। बुधवार से शुरू हुई बारिश गुरुवार को भी जारी रही। लगातार बारिश के बीच भारत मौसम विज्ञान विभाग (कटऊ) ने यलो अलर्ट जारी किया है। विभाग ने दिनभर बारिश और 40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने का अनुमान जताया है। अब तक जिले में करीब 153 मिमी बारिश दर्ज की गई है। वहीं तापमान में करीब 5 डिग्री सेल्सियस की गिरावट आई है।
बारिश के चलते शहर के कई इलाकों में जलभराव और जाम की स्थिति बन गई। लोगों को आवाजाही में परेशानी का सामना करना पड़ा। हालात को देखते हुए नोएडा प्राधिकरण ने क्यूआरटी (क्विक रिस्पॉन्स टीम) और कॉल सेंटर को एक्टिव कर दिया है। शहर में जलभराव वाले 28 स्थानों पर पंप लगाकर पानी निकासी का काम शुरू कराया गया है।
बुधवार से हो रही लगातार बारिश के कारण नोएडा के कई इलाकों में सड़कें पानी में डूब गईं। इससे वाहन चालकों और दफ्तर जाने वाले लोगों को काफी परेशानी हुई। मौसम विभाग के अनुसार, गुरुवार को अधिकतम तापमान 32 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 22 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। तापमान में करीब 5 डिग्री की गिरावट आने से लोगों को गर्मी से राहत मिली।
बारिश के कारण सेक्टर-25ए एडोब, मोदी मॉल, नोएडा स्टेडियम, सेक्टर-57 समेत कई स्थानों पर ट्रैफिक सिग्नल बंद हो गए। इससे सड़कों पर लंबा जाम लग गया। सूचना मिलने पर पुलिसकर्मी मौके पर पहुंचे और मैनुअली ट्रैफिक संभालकर वाहनों की आवाजाही सामान्य कराई।
एक्सप्रेसवे समेत कई प्रमुख मार्ग प्रभावित
बारिश के चलते नोएडा-ग्रेटर नोएडा एक्सप्रेसवे, फिल्म सिटी मार्ग, अट्टा बाजार, सेक्टर-15 नयाबांस, एलिवेटेड रोड से सेक्टर-61 उतरने वाले मार्ग, सेक्टर-62 मॉडल टाउन गोलचक्कर और पर्थला सिग्नेचर ब्रिज के नीचे भी जाम की स्थिति रही। इसके अलावा सेक्टर-19 टेलीफोन एक्सचेंज, सेक्टर-31 निठारी, सेक्टर-21ए पेट्रोल पंप, सेक्टर-58, खोड़ा कॉलोनी रोड, सफार्बाद गांव और आसपास के इलाकों में भी जलभराव की समस्या देखने को मिली।
28 जगहों पर लगाए गए पंप
नोएडा प्राधिकरण ने शहर में जलभराव वाले 28 स्थान चिह्नित किए हैं। अधिकारियों के मुताबिक, इन सभी जगहों पर पानी निकालने के लिए पंप लगाए गए हैं और कर्मचारियों की तैनाती की गई है।बुधवार को विधायक पंकज सिंह ने भी प्राधिकरण अधिकारियों के साथ बैठक कर जलभराव वाले स्थानों पर एडवांस तकनीक अपनाने और पानी निकासी की व्यवस्था मजबूत करने के निर्देश दिए थे।