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220वें दुर्गा पूजा महोत्सव की तैयारियां जोरों पर, बंगाली परंपरा और आस्था के रंग में सज रहा दुर्गाबाड़ी

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16 अक्टूबर को षष्ठी पूजा के साथ होगा महोत्सव का शुभारंभ, संधि पूजा रहेगी विशेष आकर्षण


मेरठ। बंगाली दुर्गाबाड़ी समिति, मेरठ में इस वर्ष आयोजित होने वाले 220वें दुर्गा पूजा महोत्सव को लेकर तैयारियां जोरों पर हैं। शारदीय नवरात्र के अवसर पर आयोजित होने वाले इस ऐतिहासिक महोत्सव को लेकर समिति परिसर में उत्साह और श्रद्धा का माहौल है। बंगाली कारीगरों एवं शिल्पकारों द्वारा मां दुर्गा की भव्य प्रतिमा को पारंपरिक विधि से तैयार किया जा रहा है। प्रतिमा निर्माण के साथ ही रंग-रोगन का कार्य भी तेजी से चल रहा है।

दुर्गाबाड़ी समिति के प्रांगण को भी महोत्सव के लिए सजाया-संवारा जा रहा है। परिसर में रंग-रोगन, मरम्मत, साफ-सफाई एवं साज-सज्जा का कार्य लगातार जारी है। समिति के पदाधिकारी और कार्यकारिणी सदस्य पूजा की सभी व्यवस्थाओं को समय से पूरा करने में जुटे हुए हैं।

16 अक्टूबर को षष्ठी पूजा के साथ दुर्गा पूजा महोत्सव का शुभारंभ होगा। षष्ठी पूजा से जुड़ी बंगाली परंपरा के अनुसार तिल और नारियल के विशेष लड्डू तैयार किए जाते हैं। समिति की बंगाली सुहागन महिलाएं निर्जला उपवास रखकर स्वयं इन लड्डुओं को श्रद्धापूर्वक तैयार करती हैं। इन लड्डुओं का प्रतिदिन मां दुर्गा के पूजन के समय भोग लगाया जाता है। यह परंपरा दुर्गाबाड़ी में आस्था, समर्पण और बंगाली संस्कृति की जीवंत अभिव्यक्ति है।

संधि पूजा का विशेष महत्व

दुर्गा पूजा महोत्सव में अष्टमी की संधि पूजा का विशेष धार्मिक एवं आध्यात्मिक महत्व है। संधि पूजा अष्टमी तिथि के अंतिम 24 मिनट और नवमी तिथि के प्रारंभिक 24 मिनट, यानी कुल 48 मिनट की विशेष अवधि में संपन्न होती है। इस दौरान विशेष विधि-विधान एवं मंत्रोच्चार के साथ मां दुर्गा का आवाहन किया जाता है तथा मां चंडी का पाठ किया जाता है।

संधि पूजा के दौरान 108 दीपों को विशेष श्रृंखला में सजाकर पूजन किया जाता है। महिलाएं भी निर्जला उपवास रखकर इस विशेष पूजा में श्रद्धापूर्वक सहभागिता करती हैं। दुर्गाबाड़ी समिति में संधि पूजा को लेकर श्रद्धालुओं की विशेष आस्था है। समिति से जुड़े श्रद्धालुओं की मान्यता है कि संधि पूजा के इन पावन 48 मिनटों में मां दुर्गा की विशेष उपस्थिति का आध्यात्मिक अनुभव होता है और ऐसा महसूस किया जाता है कि मां स्वयं प्रकट होकर इस विशेष पूजा को देख रही हैं।

समिति की नई कार्यकारिणी के नेतृत्व में तैयारियां

इस वर्ष बंगाली दुर्गाबाड़ी समिति, मेरठ की पूजा व्यवस्था अध्यक्ष श्री अमिताभ मुखर्जी, प्रधान सचिव श्री अभय मुखर्जी तथा पूजा सचिव श्री सुब्रोतो विश्वास के नेतृत्व में की जा रही है।

समिति की कार्यकारिणी मेंअजय मुखर्जी, प्रबंधक, दुर्गाबाड़ी ए.बी. गर्ल्स इंटर कॉलेज; संजय बैनर्जी, पुजारी, कालीबाड़ी मंदिर; डॉ. सुब्रोतो सेन, पूर्व अध्यक्ष; श्री विश्वजीत विश्वास, पूर्व अध्यक्ष; चयनिका दास, अभिनव दत्ता,  जूही दत्ता, प्रदीप मुखर्जी तथा नोबेन्दु राय चौधरी, पूर्व सचिव सहित अन्य पदाधिकारी एवं कार्यकारिणी सदस्य शामिल हैं।

समिति के पदाधिकारियों के अनुसार, 220वां दुर्गा पूजा महोत्सव धार्मिक आस्था के साथ-साथ बंगाली समाज की समृद्ध संस्कृति, कला, परंपरा और सामुदायिक एकता का भी प्रतीक है। प्रतिमा निर्माण से लेकर पूजा स्थल की साज-सज्जा और धार्मिक अनुष्ठानों तक सभी तैयारियां परंपरागत विधि-विधान के अनुरूप की जा रही हैं।

बंगाली दुर्गाबाड़ी समिति में हर वर्ष दुर्गा पूजा के दौरान बड़ी संख्या में श्रद्धालु एकत्र होते हैं। इस वर्ष भी 220वें दुर्गा पूजा महोत्सव को भव्य और श्रद्धापूर्ण ढंग से आयोजित करने के लिए समिति के सभी सदस्य सक्रिय रूप से तैयारियों में जुटे हुए हैं।

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