– कासगंज जेल भेजा, गाजीपुर जेल में था बंद, सुरक्षा कारणों से हुई शिफ्टिंग।
गाजीपुर। जिला जेल में बंद माफिया मुख्तार अंसारी के छोटे बेटे उमर अंसारी की जेल बदल दी गई है।उसे आज सुबह 6 बजे कासगंज जेल शिफ्ट कर दिया गया। जेल शिफ्टिंग की कार्यवाही को बेहद गोपनीय रखा गया। एसपी डॉ. ईरज राजा ने बताया कि सुरक्षा कारणों से उमर अंसारी को कासगंज जेल शिफ्ट किया गया है।
उमर अंसारी अपनी मां अफसा अंसारी के फर्जी हस्ताक्षर मामले में जेल में बंद है। इस मामले में उनके वकील लियाकत अली के खिलाफ भी एफआईआर दर्ज की गई है। गुरुवार 21 अगस्त को कोर्ट ने उमर अंसारी की जमानत याचिका खारिज कर दी थी। जिसके बाद शुक्रवार को एडीजे प्रथम शक्ति सिंह की अदालत ने वकील लियाकत अली की भी अग्रिम जमानत याचिका खारिज कर दी।
वकील पर कोर्ट में पेश किए गए कागजातों में फजीर्वाड़े का आरोप है। जबकि उमर पर फरार चल रही मुख्तार की पत्नी आफ्शां अंसारी के फर्जी हस्ताक्षर बनाने का आरोप है।
मामला मुख्तार अंसारी के खिलाफ गैंगस्टर एक्ट मे दर्ज मुकदमे से जुड़ा हुआ है। जिसमें पुलिस द्वारा करीब 10 करोड रुपए की प्रॉपर्टी कुर्क की गई थी। जिसे छुड़ाने के लिए अपील दाखिल की गई थी। इस मामले में आफ्शां अंसारी की तरफ से प्रकीर्ण प्रार्थना पत्र दाखिल किया गया था। न्यायालय ने इस पर आख्या मांगी। जांच अधिकारी ने 11 जुलाई 2025 को संबंधित दस्तावेजों की जांच की।
जांच में पता चला कि याचिका के साथ लगे दस्तावेजों पर आफ्सां अंसारी के हस्ताक्षर संदिग्ध हैं। मेसर्स विकास कंस्ट्रक्शन की पार्टनरशिप डीड पर मौजूद आफ्शां के हस्ताक्षर याचिका वाले दस्तावेजों से पूरी तरह अलग पाए गए। आफ्शां इस कंपनी में 60 प्रतिशत की पार्टनर है।
याचिकाकर्ता के वकील लियाकत अली ने याचिका में दावा किया था कि आफ्शां ने अपने बेटे उमर अंसारी के माध्यम से याचिका दाखिल की थी। मामले की जांच के बाद थाना मुहम्मदाबाद, गाजीपुर में उमर अंसारी और वकील लियाकत के खिलाफ केस दर्ज किया गया है। जिसके बाद पुलिस ने लखनऊ से बीते 3 अगस्त को उमर अंसारी को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था।


