शारदा रिपोर्टर मेरठ। मेरठ में बुनियादी सुविधाओं के अभाव को लेकर स्थानीय लोगों में भारी रोष है। मोहल्ले में सड़कों की हालत जर्जर है, नियमित सफाई न होने से गलियों में गंदगी और जलभराव की स्थिति बनी हुई है। ऐसी स्थिति से परेशान लोग शहर विधायक रफीक अंसारी के साथ जिलाधिकारी कार्यालय पहुंचे और डीएम डा वीके सिंह से जल्द समाधान की मांग की।

स्थानीय निवासियों का कहना है कि, मोहल्ले की अधिकांश गलियां टूट-फूट चुकी हैं। कई जगहों पर सीवर और नालियों की सफाई न होने के कारण गंदा पानी सड़कों पर जमा हो रहा है, जिससे मच्छरों का प्रकोप और बदबू लोगों को परेशान कर रही है। वहीं, स्ट्रीट लाइटें भी लंबे समय से खराब पड़ी हैं, जिससे रात के समय इलाके में अंधेरा छा जाता है।
लोगों का आरोप है कि, कई बार नगर निगम अधिकारियों और कर्मचारियों से शिकायत दी जा चुकी है, लेकिन आजतक कोई समाधान नहीं हुआ। अंधेरे के कारण क्षेत्र में असामाजिक तत्वों की आवाजाही की अफवाहें भी फैली हुई हैं, जिससे मोहल्ले के लोगों में असुरक्षा का माहौल है।
विधायक रफीक अंसारी ने कहा कि, पूरा इलाका बदहाली की मार झेल रहा है। जहां क्षेत्र में गंदगी और जलभराव की समस्या लोगों के लिए मुसीबत बन गई है। इसी क्षेत्र के पास फेंका जाने वाला कूड़ा लोगों के लिए दुश्वारियां पैदा कर रहा है। जिससे इलाके के लोग बीमारियों की जद में आ रहे हैं। यहां सड़क किनारे जल निकासी के लिए बनाई गई नालियां सुविधा के बजाय समस्या पैदा कर रही हैं। लोगों में अपनी इन समस्याओं को लेकर आक्रोश है। जो जल्द ही इलाके में सफाई, पानी, सड़क और निकासी जैसी बुनियादी सुविधाएं चाहते हैं।
उन्होंने कहा कि, नगर निगम के वार्ड 72 में जहां करीब 3200 के करीब वोटर्स हैं और आठ हजार से ज्यादा आबादी निवास करती है। वहां बुनियादी सुविधाओं के नाम पर कुछ भी नहीं है। जिसके चलते शहरवासियों में नगर निगम अधिकारियों और कर्मचारियों के खिलाफ गुस्सा बढ़ता जा रहा है।

