– आगजनी से निपटने को नहीं है माकूल संसाधन, तंग गलियों में नहीं पहुंचती अग्निशमन की टीमें।
शारदा रिपोर्टर मेरठ। शहर में आग से निपटने के माकुल इंतजाम नहीं है। मेरठ में भीषण आगजनी की हालिया घटनाओं ने सुरक्षा इंतजामों की पोल खोलकर रख दी है। जिससे साफ पता चलता है कि, सबकुछ राम भरोसे चल रहा है।

ताजा मामला लिसाड़ी गेट के किदवई नगर का है। यहां शॉर्ट सर्किट से घर में लगी आग में मासूम बच्चों सहित कुल 6 लोगों की दर्दनाक मौत हो गई। लेकिन, इतने बड़े हादसे के बाद भी सरकारी अमला आंखें मूंदे बैठा है। ताज्जुब की बात यह है कि, खुद नगर निगम, एमडीए और जिला अस्पताल जैसे महत्वपूर्ण सरकारी दफ्तरों में भी अग्नि सुरक्षा उपकरण (फायर सिलेंडर) नाकाफी हैं। जबकि, कई बार चेकिंग के दौरान यह एक्सपायरी भी पाए गए हैं।
मेरठ में आग से सुरक्षा की स्थिति के अपर्याप्त इंतजाम लोगों की जान को जोखिम में डाल रहे हैं। सरकारी महकमों और रिहायशी इलाकों में अग्निशमन उपकरणों की भारी कमी है। जबकि, मौजूदा उपकरणों में से कई खराब या एक्सपायरी डेट के हैं।
लिसाड़ी गेट क्षेत्र में सोमवार रात को घर में आग लगने से 3 बच्चों सहित 6 लोगों की जान चली गई। हालांकि, हाल ही में अग्निशमन विभाग को 35 मीटर ऊंचाई तक आग बुझाने वाले रोबोटिक यंत्र मिले हैं, लेकिन ये अभी भी शहर के रिहायशी इलाकों के लिए नाकाफी हैं। आग लगने पर स्थानीय निवासियों को ही बचाव कार्य करना पड़ता है।



