spot_imgspot_imgspot_imgspot_img
Wednesday, January 14, 2026
spot_imgspot_imgspot_imgspot_img
Homeउत्तर प्रदेशMeerut'अवैध' के मारों को 'अवैध' में ही विस्थापित करा रहे मेयर साहब!

‘अवैध’ के मारों को ‘अवैध’ में ही विस्थापित करा रहे मेयर साहब!

-

  • निगम द्वारा शास्त्रीनगर नई सड़क पर कराए जा रहे निर्माण का नक्शा स्वीकृत न होने पर जारी किया जा चुका है नोटिस।

शारदा रिपोर्टर मेरठ। सेंट्रल मार्केट में दो दिन चली ध्वस्तीकरण की प्रक्रिया में जिस अवैध कांप्लेक्स को ढहाया गया है। जिसके बाद ध्वस्तीकरण से परेशान पीड़ित व्यापारी लगातार भाजपा जनप्रतिनिधियों से मदद की गुहार लगा रहे हैं। वहीं, इस मामले में बीजेपी का वोट बैंक खिसकता देख भाजपा से मेयर हरिकांत अहलूवालिया ने सेंट्रल मार्केट के 22 दुकानदारों को नगर निगम जगह देने की बात कही है। लेकिन सोचने वाली बात यह है कि, मेयर साहब को शायद यह नहीं मालूम कि, जिस नगर निगम के दफ्तर में वह व्यापारियों को दुकान देने की बात कर रहे हैं, इस पर भी आवास-विकास ने आपत्ति दर्ज कराई हुई है।

 

 

सेंट्रल मार्केट ध्वस्तीकरण के बाद शहर महापौर हरिकांत अहलूवालिया ने कहा कि, नई सड़क पर नगर निगम का जो नया दफ्तर बन रहा है। वहां मॉर्डन कामर्शियल कांप्लेक्स भी बनाया जा रहा है। इस कांप्लेक्स में हम इन सभी 22 दुकानों के मालिक दुकानदारों को दुकानें देंगे। जहां वो अपना रोजगार प्रारंभ कर सकें।

मेयर हरिकांत अहलूवालिया ने बताया कि, शास्त्रीनगर का जो विषय आया है कोर्ट की रुलिंग भी सबके लिए मान्य है, जो उनकी दुकानें 22 दुकानें टूट चुकी हैं, जबकि, परिवार के लोग बहुत दुखी हैं। निगम उन्हें कहीं भी दुकानें दे सकता था। लेकिन वो सेंट्रल मार्केट का फील नहीं आ पा रहा था। जो हमारी नगर निगम की बिल्डिंग बन रही है, वहां हमारा मॉडर्न कांप्लेक्स बन रहा है। उसमें जो दुकानें बन रही हैं। मेरा प्रयास जिनकी टूटी हैं, उनको प्राथमिकता दी जाए। इसको मैं अपने बोर्ड बैठक में लाकर पास कराएंगे। इसे हम शासन में भी भेंजेगे।

 

 

महानगर अध्यक्ष विवेक रस्तोगी के संज्ञान में ला दिया है। इससे हम उन्हें कुछ राहत दे पाएंगे। वो परिवार बहुत दुखी है। उनका दर्द महसूस करके मैंने ये घोषणा की है। सब नियमों का पालन करते हुए हम सोचेंगे।

लेकिन, सूत्रों की मानें तो शायद मेयर हरिकांत अहलूवालिया को नहीं मालूम कि, आवास-विकास अधिकारियों द्वारा खुद इस नगर निगम की बिल्डिंग पर आपत्ति दर्ज की गई है। आवास एवं विकास परिषद एक जुलाई को नक्शा स्वीकृत न कराने को लेकर इस निर्माण को अवैध बताते हुए नगर निगम के अधिशासी अभियंता को नोटिस जारी कर चुका है। जिसमें नक्शा स्वीकृति के बगैर हो रहे इस निर्माण को अवैध की श्रेणी में रखा गया है।

डीएम से मिले जनप्रतिनिधि

एक तरफ जहां सेंट्रल मार्केट के ध्वस्तीकरण को लेकर व्यापारियों में भाजपा जनप्रतिनिधियों के खिलाफ गुस्सा है तो वहीं, सरधना से सपा विधायक अतुल प्रधान व्यापारियों के बीच पहुंचकर इस मामले के समाधान को लेकर उच्च अधिकारियों से मिलने की बात कह रहे है। व्यापारियों में बढ़ते गुस्से को देख मंगलवार को सेंट्रल मार्केट में दुकानों को ध्वस्तीकरण कार्रवाई के लिए नोटिस मिलने के मामले में कैंट विधायक अमित अग्रवाल, महापौर हरिकांत अहलूवालिया, महानगर अध्यक्ष विवेक रस्तोगी, संयुक्त व्यापार संघ के पदाधिकारी और व्यापारी डीएम आवास पर पहुंचे। उन्होंने डीएम वीके सिंह ने मुलाकात की और समस्या के समाधान की मांग की। लेकिन डीएम से मिलने के बाद भी व्यापारियों को मायूसी ही हाथ लगी। मीडिया से रूबरू हुए व्यापारियों ने बताया कि, डीएम ने सुप्रीम कोर्ट की कार्रवाई का हवाला देते हुए फिलहाल कोई मदद ना कर पाने की बात कही है। अब व्यापारियों को रोजी-रोटी का संकट सताने लगा है। उधर, जब मीडियाकर्मियों ने भाजपा नेताओं से बात करने की कोशिश की तो भाजपा जनप्रतिनिधि मीडिया से सवालों का जवाब दिए बिना ही चले गए।

 

Related articles

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

Stay Connected

4,000,000FansLike
100,000SubscribersSubscribe

Latest posts