जेल की रसोई, अस्पताल और बैरक देखी
मुजफ्फरनगर। जिला कारागार में जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के सचिव एवं सिविल जज (सीनियर डिवीजन) डॉ. सत्येंद्र कुमार चौधरी ने निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने बंदियों से संवाद किया और उनकी समस्याओं को सुना। यह कार्यक्रम जनपद न्यायाधीश एवं जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के अध्यक्ष के निर्देशन में आयोजित किया गया था।
निरीक्षण के दौरान डॉ. चौधरी ने कारागार की पाकशाला, अस्पताल, पुरुष बैरक, महिला बैरक और बाल बैरक का जायजा लिया। इसके उपरांत, उन्होंने दोषसिद्ध बंदियों के लिए एक विधिक जागरूकता शिविर का आयोजन किया, जिसमें उन्हें उनके संवैधानिक और कानूनी अधिकारों के बारे में विस्तृत जानकारी दी गई। डॉ. चौधरी ने बंदियों की समस्याओं को ध्यानपूर्वक सुना। उन्होंने बताया कि जिन दोषसिद्ध बंदियों को उच्च न्यायालय में अपील दाखिल करने के लिए किसी भी प्रकार की कानूनी सहायता की आवश्यकता है, वे जिला कारागार प्रशासन के माध्यम से जिला विधिक सेवा प्राधिकरण से संपर्क कर सकते हैं। उन्होंने यह भी आश्वस्त किया कि पात्र बंदियों को नि:शुल्क विधिक सहायता उपलब्ध कराई जाएगी। उन्होंने जेल अधीक्षक को निर्देश दिए कि जिन बंदियों के मामले ई-जेल लोक अदालत या जेल लोक अदालत के माध्यम से निस्तारित किए जा सकते हैं, उनकी सूची जिला विधिक सेवा प्राधिकरण को भेजी जाए। इसका उद्देश्य मामलों का शीघ्र निस्तारण सुनिश्चित करना है। इस अवसर पर उन बंदियों को भी कानूनी सहायता प्रदान की गई जिनकी जमानत याचिकाएं अधीनस्थ न्यायालयों में लंबित या विचाराधीन हैं।इस पूरे कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य बंदियों को उनके कानूनी अधिकारों के प्रति जागरूक करना तथा उन्हें सुलभ और नि:शुल्क न्यायिक सहायता उपलब्ध कराना था।