आरोपी सुनकर परेशान हो गया था, अमरोहा में प्रधान की डेरी पर दोनों काम करते थे
अमरोहा। बिहारी कहकर चिढ़ाने पर ने युवक ने दूसरे साथी की हत्या कर दी। उसने पहले फावड़े से 5 बार वार किए। हत्या के बाद लाश को डीजल डालकर जलाने का प्रयास किया। लेकिन आहट होने पर जल्दबाजी में उसे पॉलीथिन में लपेटकर भूसे के ढेर में छिपा दिया। दो दिन बाद बदबू आने पर भूसे की कोठरी में तलाशी ली गई तो सड़ा गला शव मिला।
आरोपी और मृतक प्रधान की डेरी पर साथ में काम करते थे। पुलिस ने शक के आधार पर आरोपी को हिरासत में लिया। सख्ती से पूछताछ में आरोपी ने अपना गुनाह कबूल कर लिया। पूरा मामला जिला मुख्यालय से करीब 20 किमी दूर नौगावां सादात थाना क्षेत्र की है।
गांव नाजरपुर कलां में ग्राम प्रधान राकेश कुमार अपने साथी वेदपाल सिंह के साथ मिलकर डेरी चलाते हैं। इनकी डेयरी पर मुरादाबाद के छजलैट के गांव हाफिजपुर का रहने वाला प्रदीप कुमार (40) 5 साल से काम कर रहा था। इसी डेयरी पर बिहार के सीतामढ़ी के बतना थानाक्षेत्र के हरियापुर गांव का रहने वाला नितेश भी पशुओं के चारा पानी की व्यवस्था देखता था।
एसपी लखन सिंह यादव के मुताबिक, प्रदीप अक्सर नितेश को बिहारी कहकर बुलाता था। कई बार वो उसे उसके नाम से न बुलाकर बिहारी कहकर ही बुलाता था। इस बात पर नितेश चिढ़ता था। उसने कई बार इसका विरोध किया था। कई बार दोनों में कहासुनी भी हुइ थी।
17 अगस्त को प्रदीप की बहन अमन देवी अपनी छोटी बहन के साथ उससे मिलने आई थी। दोपहर को मुलाकात के बाद वो घर लौट गई। 18 अगस्त की सुबह जब वेदपाल सिंह डेयरी पहुंचे तो प्रदीप वहां नहीं मिला। उसका मोबाइल और कपड़े डेयरी पर ही पड़े मिले। बहन से जानकारी लेने पर उसने भी प्रदीप के बारे में कुछ पता होने से इनकार किया।
19 अगस्त यानी बुधवार की शाम को ग्राम प्रधान राकेश कुमार और वेदपाल सिंह ने थाने पहुंचकर प्रदीप के लापता होने की सूचना दी। साथ ही खुद भी दोनों उसकी तलाश करते रहे। करीब दो घंटे बाद भूसे की कोठरी में बदबू आने पर अंदर जाकर देखा गया तो वहां प्रदीप का शव पॉलीथिन में लिपटा हुआ मिला। ये देखते ही दोनों के होश उड़ गए। सूचना मिलते ही पुलिस, फील्ड यूनिट और फोरेंसिक टीम मौके पर पहुंची।
देर रात शक के आधार पर डेयरी पर काम प्रदीप के साथ काम करने वाले नितेश को हिरासत में लेकर पूछताछ की गई। पहले तो उसने प्रदीप के बारे में पता होने से इनकार कर दिया। बाद में सख्ती से पूछताछ की गई तो वो टूट गया। उसने अपना जुर्म कबूल किया।
नितेश ने पुलिस को बताया कि प्रदीप के रोज रोज मुझे बिहारी कहकर बुलाने की आदत से मैं परेशान हो गया था। उससे कई बार झगड़ा भी हुआ था। डेयरी मालिक से भी शिकायत की थी लेकिन वो खुद को ज्यादा होशियार समझता था। उसकी आदतों में कोई सुधार नहीं हुआ।
उस दिन भी प्रदीप ने काम करने के दौरान मुझे बिहारी बिहारी कहकर बुलाया। इसी बात पर हम दोनों का झगड़ा हुआ। मैंने फावड़ा उठाकर उसके सिर, गर्दन, कंधा और कमर पर ताबड़तोड़ वार किए। जब उसकी मौत हो गई तो पास में रखे केन से डीजल निकाला और उसे जलाने का प्रयास किया। काफी प्रयास के बाद उसके कपड़े ही जल सके, इसलिए मैंने उसे भूसे में छिपा दिया।
एसपी लखन सिंह ने बताया कि आरोपी के खिलाफ हत्या का केस दर्ज किया गया है। उसे गिरफ्तार कर लिया गया है। निशानदेही पर हत्या में प्रयुक्त धारदार हथियार समेत अन्य सामान बरामद किया गया है।